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नरेश हत्याकांड : वारंट ऑफिसर ने मारा छापा तो थाने के नजदीक मिला बुजुर्ग

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करीब दो सप्ताह पहले बहुअकबरपुर गांव में हुए नरेश उर्फ बिल्लू हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। अदालत के आदेश पर वारंट ऑफिसर ने बहुअकबरपुर थाने व नजदीक के एक होटल में छापा मारा। 50 वर्षीय ओमबीर एक दीवार के पीछे बैठा मिला। आरोप है कि पुलिस ने उसे न केवल अवैध हिरासत में रखा, बल्कि करंट भी लगाया। अदालत ने बहुअकबरपुर थाना पुलिस व सीआईए पुलिस से 30 अप्रैल से 7 मई तक की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश पुलिस को दिए हैं। साथ ही ऑर्डर की कॉपी पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है।
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एडवोकेट रिंकू जांगड़ा ने बताया कि बहुअकबरपुर गांव में 30 अप्रैल की सुबह नरेश उर्फ बिल्लू का शव प्लॉट के पास खून से लथपथ मिला था। उसके सिर में ईंट के चोट के निशान थे। मृतक के भतीजे निखिल के बयान पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। आरोप था कि उसके चाचा नरेश उर्फ बिल्लू 29 अप्रैल को प्लॉट में अपने साथियों सुखचेन, धोनी, धर्म व ओमबीर के साथ बैठकर खा पी रहे थे। ओमबीर को छोड़कर बाकी रात 9 बजे अपने घर चले गए। रात 12 बजे ओमबीर व उसके चाचा का झगड़ा हो गया। बाद में उसका चाचा अपनी चारपाई पर सो गया, जबकि ओमबीर चारपाई के पास जमीन पर लेट गया। इसके बाद शिकायतकर्ता घर चला गया। सुबह नरेश का शव खून से लथपथ मिला। अब तक वारदात की गुत्थी नहीं सुलझ सकी है।
अदालत पहुंचा ओमबीर का भाई, अवैध हिरासत में रखने का आरोप
एडवोकेट ने बताया कि ओमबीर के भाई सुभाष ने इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की कि उसके भाई को पुलिस ने एक सप्ताह से ज्यादा समय से अवैध हिरासत में रखा हुआ है। उसके भाई को कहीं पेश भी नहीं किया जा रहा है। उसके भाई से नजदीक एक होटल में पूछताछ की गई। अदालत की तरफ से वारंट ऑफिसर की ड्यूटी तय की गई। वारंट ऑफिसर मौके पर पहुंचे। जहां ओमबीर थाने व होटल से बाहर एक दीवार के पास बैठा मिला।
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जज के सामने बोला ओमबीर, सीआईए में लगाया करंट
ओमबीर ने अदालत में बताया कि वह अपने खेत में था। पुलिस की गाड़ी पेड़ों के बीच खड़ी थी। कुछ लोग आए और उसे पकड़कर नजदीक लाए और पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस उसे थाने ले गई। वहां से सीआईए में ले जाया गया। वहां उसके हाथ बांध दिए गए और एक ऊंची जगह लटका दिया। साथ ही पैरों के नीचे से कट्टा हटा दिया। उसे पेट के नीचे के हिस्से पर करंट लगाया गया। इसके बाद उसे थाने में वापस लाया गया, पूछा कि वे कपड़े कहां है, जिन पर खून लगा है। ओमबीर ने कहा कि उसके पास तो दो जोड़ी ही कपड़े हैं। एक डाल रखे हैं और दूसरे खेत में हैं। उसे वापस सीआईए में लाया गया। पुलिस वाले ने दो थप्पड़ मारे। फिर वापस थाने ले जाकर बंद कर दिया गया। अचानक एक पुलिसकर्मी ने उसे थाने से भगा दिया। वह होटल के पीछे दीवार के पास बैठ गया। पुलिस को पता लग गया था कि कोर्ट के वारंट ऑफिसर आने वाले हैं।
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