रोहतक। प्रदेश की अफसरशाही पर गृहमंत्री अनिल विज का खौफ इस कदर हावी है कि रोहतक नगर निगम के जो अधिकारी पिछले 11 महीनों से शहर की एक अवैध कालोनी की निशानदेही नहीं करवा पा रहे थे उन्होंने मंत्री के आकस्मिक छापे के डर से 72 घंटे में ही निशानदेही करवा दी। जिसके बाद पुलिस ( गृह मंत्रालय भी विज के पास है) ने तत्परता दिखाते हुए 28 लोगों के खिलाफ अवैध कालोनी काटने के मामले में एफआईआर दर्ज कर दी है।
ये है मामला
याद रहे कि रोहतक के तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर ने 11 महीने पहले बोहर के पास अवैध कालोनी काटे जाने के मामले में महज कार्रवाई की जगह खानापूर्ति की थी। उन्होंने करीब एक साल पहले शहर के अर्बन इस्टेट थाने को डाक के माध्यम से एफआईआर के लिए लिखा था। इसके जवाब में थाने की तरफ से पहले निगम को जमीन की निशानदेही के लिए लिखा गया था लेकिन 11 महीने बीत जाने के बाद भी किसी ने इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। सरकार बदली तो स्थानीय निकाय व गृह मंत्रालय अनिल विज के पास आ गया। पिछले दिनों उन्होंने करनाल के निगम आफिस में छापा मार कर कई अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया तो रोहतक के निगम व पुलिस अधिकारियों की निद्रा टूटी। यहीं बस नहीं हरियाणा सरकार ने ऊपर से विज को सिरसा व रोहतक की जिला शिकायत निवारण समितियों का अध्यक्ष बना दिया। इसके तुरंत बाद अफसरशाही ने अपने बचाव के लिए न सिर्फ तीन दिन में अवैध कालोनी की जगह की निशानदेही करवा दी बल्कि कालोनी काटने वालों पर एफआईआर भी दर्ज करवा दी। जानकारी के अनुसार विज के रोहतक दौरे के दौरान किसी संभावित कार्यवाही से बचने के लिये बिल्डिंग इंस्पेक्टर गत 4 दिसंबर को आनन - फानन में नया शिकायत पत्र लेकर थाने पहुंचे ओर तीन के भीतर कालोनी की निशानदेही भी करा दी।
अब स्थानीय पुलिस ने नगर निगम की ओर से दोबारा भेजे गए पत्र में खसरा नंबर के आधार पर जमीन 28 मालिकों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अर्बन एस्टेट थाना पुलिस को दी शिकायत में नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि अगस्त 2014 से नवंबर 2018 तक के अलग-अलग खसरा नंबर और बोहर की अलग-अलग जगहों पर लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर अवैध निर्माण किया गया। उन्होंने बताया कि कब्जा धारियों की जब पड़ताल की गई तो सामने आया कि सभी रोहतक के ही रहने वाले हैं । नगर निगम कमिश्नर ने पुलिस को उक्त लोगों के खिलाफ धारा 346 347 348 349 सहित हरियाणा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1994 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज करने के बारे में लिखा। शिकायत में उन्होंने लिखा कि आरोपी बिना सीएलयू परमिशन के निर्माण कार्य कर रहे हैं।
इन लोगों के खिलाफ दी शिकायत
दर्शन पत्नी संदीप, राजवंती पत्नी मंजीत, प्रोमिला देवी पत्नी विजयपाल, राजेंद्र सिंह, विजयपाल, किमला पत्नी रामानंद, रणधीर निवासी न्यू नॉर्थन बाईपास रोहतक, रिसालो पत्नी रामफल, सूरजभान रामपाल, रमेश चंद्र, सुदेश, स्मृति, सुकृति, रजत, रोहतास, किताब कौर पत्नी चतर सिंह, अशोक, चतर, करण सिंह, करतार सिंह, जोरा सिंह, सुरेंद्र सिंह, श्री भगवान, जय भगवान, जय सिंह, होशियार सिंह, सतबीर आदि के खिलाफ शिकायत दी। दूसरी शिकायत में कमिश्नर ने रामरति, अरविंद नवीन निवासी कबीर कॉलोनी राधा कृष्ण कमलेश सोनिया सुनील के खिलाफ भी अवैध रूप से निर्माण कार्य करने की शिकायत दी है।
नगर निगम की ओर से 11 माह पहले अवैध कालोनी काटने का शिकायत पत्र डाक से मिला था। जिसकी निशानदेही न कराने व स्थान न तय कर पाने के कारण नगर निगम को वापस भेज दिया गया। करनाल में गृह मंत्री के नगर निगम कार्यालय में छापे के बाद तीन दिन के भीतर नया शिकायती पत्र और अधिकारी भी थाने में आकर निशानदेही करा चुके हैं। जिसके बाद मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
- बलवंत सिंह थाना प्रभारी अर्बन स्टेट , रोहतक।