फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किशोरी की अस्मत लूटने वाले तीन बच्चों के पिता को सजा कल, पत्नी का गर्भपात कराने वाला भी दोषी करार

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक/हिसार। नाबालिग छात्रा की अस्मत लूटने वाले तीन बच्चों के पिता बिहार निवासी कुलदीप और अंतर जातीय विवाह करने वाले रामगोपाल कॉलोनी निवासी अर्शदीप को शनिवार को रोहतक और हिसार की अदालतों ने दोषी करार दिया। कुलदीप को रोहतक की फास्ट ट्रैक कोर्ट सोमवार को तो अर्शदीप को हिसार की अदालत मंगलवार को सजा सुनाएगी। छात्रा को जहां 16 माह तो अंतर जातीय विवाह करने वाली युवती को 22 माह बाद इंसाफ मिला है।
विज्ञापन

केस नंबर एक : दसवीं की छात्रा को बहला फुसलाकर ले गया था बिहार का युवक
मामले के अनुसार जुलाई 2018 में एक महिला ने महिला थाने में शिकायत दी कि पड़ोस में एक युवक कुलदीप किराये के मकान में परिवार सहित रह रहा था। कुलदीप उसकी 16 वर्षीय बेटी को बहला-फुसला कर ले गया। इतना ही नहीं, उसने बेटी के माध्यम से 80 हजार रुपये भी मंगवा लिए। इसी मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग को 10 दिन बाद मकड़ौली टोल प्लाजा के पास से बरामद किया। आरोपी मूल रूप से बिहार के चंपारण का है। नाबालिग छात्रा ने पुलिस को लिखित शिकायत दी कि आरोपी उसे तंग करता था। उसने अपने परिजनों को भी इस बारे में शिकायत की थी। आरोपी ने माफी मांग ली थी। इसके बाद आरोपी उसे बहकाकर ले गया और उससे जबरन गलत काम किया। तभी से जिला अदालत में आरोपी युवक कुलदीप के खिलाफ केस चल रहा था। शनिवार को एडीजे आरपी गोयल की कोर्ट ने कुलदीप को दोषी करार दिया, जिसे अब सोमवार को सजा सुनाई जाएगी।
केस नंबर दो : दहेज प्रताड़ना, जालसाजी, गर्भपात करवाने के मामले में पति दोषी करार
दहेज प्रताड़ना, जालसाजी कर रुपये निकालने और गर्भपात करवाने के एक मामले में हिसार कोर्ट परिसर स्थित एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने शनिवार को रोहतक की रामगोपाल कॉलोनी निवासी अर्शदीप को दोषी करार दिया है। इस मामले में अदालत दोषी को 10 दिसंबर को सजा सुनाएगी। इस संबंध में हिसार निवासी महिला ने 21 जनवरी 2018 को सिविल लाइन थाने में पति के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अर्शदीप के खिलाफ धारा 498ए, 406, 420, 467, 468, 471, 313, 323 के तहत केस दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया था।
विज्ञापन

मामले के अनुसार पीड़िता ने शिकायत में बताया था कि उसने 11 सितंबर 2016 को रोहतक निवासी अर्शदीप से अंतरजातीय विवाह किया था। उसका आरोप था कि शादी की रात को ही उसके पति ने उसके साथ कम दहेज लाने को लेकर मारपीट व गाली-गलौज की थी। आरोप था कि अर्शदीप उसका एटीएम कार्ड लेकर उसके खाते से हजारों रुपये निकाल लेता था और मना करने पर मारपीट भी करता था। पीड़िता का आरोप है कि 21 दिसंबर 2016 को वह उसके ऑफिस आया और अपने साथ ले गया। महम के पास उसने गाड़ी रोकी और नीचे उतार कर डंडों से पिटाई की। घर पर भी मारपीट की। जनवरी 2017 में लोहड़ी पर उसकी मां के साथ भी मारपीट की। पीड़िता का आरोप था कि 31 जनवरी 2017 को उसने खाते से रुपये निकालने के बारे में पूछा तो अर्शदीप ने उसके साथ मारपीट की और पेट पर लात मारी, जिससे उसे ब्लीडिंग होने लगी, जिससे उसका गर्भपात हो गया। आरोप है कि 28 अक्तूबर 2017 को उसने घर से निकाल दिया तो वह मायके आ गई। लगभग एक साल 10 माह तक चले इस मामले में अदालत ने शनिवार को अर्शदीप को दोषी करार देते हुए फैसला 10 दिसंबर को सुनाने के आदेश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें