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नगर निगम में तीन दिवसीय हड़ताल आज

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रोहतक। नगर निगम कर्मचारी मांगों को लेकर मंगलवार से तीन दिन की हड़ताल पर रहेंगे। सोमवार को प्रधान संजय बिड़लान ने हर ब्रांच में जाकर कर्मचारियों से समर्थन मांगा। दावा है कि निगम में पूर्ण रूप से हड़ताल रहेगी। यहां तक निजी कर्मचारियों को भी तीन दिन कचरा न उठाने के लिए राजी कर लिया जाएगा। दूसरी तरफ निगम प्रशासन का दावा है कि आम आदमी को कोई परेशानी न हो। इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। निगम आयुक्त ने खुद शहर की सरकारी, निजी, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं को पत्र लिखकर कचरा तीन दिन तक अपने संस्थान में स्टोर करने का आग्रह किया है, ताकि चौक व चौराहों पर गंदगी न फैले।
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उधर, दोपहर बाद नगर निगम कर्मियों ने मांगों को लेकर अंबेडकर चौक से सुभाष चौक तक न केवल मशाल जुलूस निकाला, बल्कि पब्लिक हेल्थ के सीवर सफाई कर्मियों की हड़ताल का भी समर्थन किया। प्रधान संजय बिड़लान ने बताया कि लंबे समय से सरकार नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाओं के कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। एक दिन पहले झज्जर में नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने मीटिंग की। इसमें सभी नगर पालिका, परिषद, निगमों के प्रधान, सचिव व कैशियर शामिल हुए। तय किया गया कि 27, 28, 29 अगस्त को प्रदेश स्तरीय हड़ताल रहेगी। हालांकि, सरकार ने 4 सितंबर 2019 को बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन सरकार अगर गंभीर होती तो 2 माह से आंदोलन की तैयारी चल रही थी। अब तक क्यों नहीं बातचीत की। मशाल यात्रा में सरवन बोहत महासचिव, विकी बिड़लान कोषाध्यक्ष, विनोद गेचंड, रवि चड्डा, सोनू हरजाई, वीरेंद्र गुर्जर, अंकित, पवन राणा, सौरव, जितेंद्र शर्मा ,बागड़ी, योगेश, सतपाल, हरिकेश फायरमैन, नरेंद्र यादव एस. आई. संजय झिंगाल, अनिल कलानौर, कवल राणा, मुकेश सारवान, महिला विंग प्रधान कौशल, अंजना, समा कौर, दर्शना, अनीता, सुनीता, अनीता लोहट व रानी चंडालिया भी मौजूद रही।
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सफाई व नागरिक सुविधा केंद्र संचालन के लिए निजी एजेंसी के भरोसे निगम
नगर निगम में मैन पावर निजी एजेंसी की तरफ से उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही घर-घर से कचरा कलेक्शन से लेकर सॉलिड ट्रीटमेंट प्लांट तक निजी हाथों में है। ऐसे में निगम में 800 के करीब पक्के कर्मचारी ही हड़ताल पर हैं। निगम के अधिकारियों का प्रयास है कि निजी एजेंसी के कर्मचारियों के माध्यम से सफाई व्यवस्था व नागरिक सुविधा केंद्र को चलाया जाए। ताकि आम आदमी को परेशानी न हो।
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आम पब्लिक करे सहयोग, संस्थान करें कचरा स्टोर
निजी एजेंसी पहले की तरह कचरा उठाएगी। दूसरा, बड़े संस्थाओं को पत्र लिखकर तीन दिन तक कचरा स्टोर करने का आग्रह किया गया है। ताकि हड़ताल के दौरान चौक व चौराहों पर कचरे के ढेर न लगें। निगम हड़ताल के बाद तुरंत कचरा उठा लेगा। दूसरा नागरिक सुविधा केंद्र में व्यवस्था को बनाए रखने का प्रयास किया गया है। इसके लिए अतिरिक्त कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी रहेगी।
-प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
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निजी कर्मचारियों को भी करेंगे हड़ताल में शामिल
सभी ने हड़ताल में शामिल होकर आंदोलन में सहयोग करने का भरोसा दिया है। दूसरा, निजी एजेंसी के कर्मचारियों से भी हड़ताल में भाग लेने का अनुरोध किया जाएगा। निगम आयुक्त ने हड़ताल न करने की बात कही थी, लेकिन हड़ताल का फैसला निगम नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर है। ऐसे में वे अकेले कुछ नहीं कर सकते।
-संजय बिड़लान, प्रधान नगर निगम कर्मचारी संघ
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...जब 16 दिन हड़ताल रहे थे निगम कर्मचारी
एक साल पहले मांगों को लेकर प्रदेश में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल चली। पहले अब की तरह तीन दिन की हड़ताल रखी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाया जाता रहा। सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के बीच 16वें दिन हड़ताल खत्म करने पर सहमति बनी। हालांकि, अब भी कर्मचारी उन्हीं मांगों को पूरी कराने के लिए दोबारा हड़ताल कर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं को चुनावी मौसम में उम्मीद है कि सरकार मांगों को पूरा कर सकती है।
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