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नगर निगम के फर्नीचर घोटाले में उठी मेयर को बर्खास्त करने की मांग

Sat, 28 Nov 2015 02:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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नगर निगम का फर्नीचर घोटाला अब कार्रवाई की ओर बढ़ रहा है।
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ऐसे में कांग्रेसी मेयर-पार्षद और भाजपाई आमने-सामने आ गए हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश भाटिया ने मेयर को बर्खास्त करने की मांग की है तो मेयर रेनू डाबला का कहना है कि रिपोर्ट में उनका कहीं भी नाम नहीं हैं।


भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश भाटिया का कहना है कि मेयर डाबला का फर्नीचर खरीद में किया गया भ्रष्टाचार साबित हो गया है। इसमें मेयर समेत सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर की भी पोल खुली है।
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इससे साफ है कि इनका लोगों की सेवा एवं जनसमस्याओं के निपटान से कोई वास्ता नहीं है। इनका सिर्फ पैसे एकत्रित करने से ही मकसद रहा है।

ऐसे जनप्रतिनिधियों को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए, क्योंकि सरकारी धन का  गलत प्रयोग और भ्रष्टाचार में संलिप्त होना न केवल अपराध है, बल्कि जनता के साथ विश्वासघात भी है। पार्टी जिला उपाध्यक्ष जोेगेंद्र सैनी ने भी जांच में दोषी पाई गई मेयर व अन्य जनप्रतिनिधियों को पद से हटाने की मांग की है।
यह केवल भाजपा का सियासी स्टंट
फर्नीचर घोटाले का आरोप गलत है। जो जांच रिपोर्ट पेश की गई है उसमें हमारा नाम नहीं है। मैने रिपोर्ट पढ़ी है, इस पर बेवजह राजनीति हो रही है। जांच रिपोर्ट के हिसाब से काम होना चाहिए। फर्नीचर मामले पर राजनीति करके भाजपा पार्षद मेयर बनने का ख्वाब देख रहे हैं। हम जांच से खुश हैं कि दोषी पर कार्रवाई हो। लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है, भाजपा अपने कार्यकाल में अपना अस्तित्व दिखाने का प्रयास कर रही है। बेवजह परेशान किया जा रहा है। अब हंगामा करने वाले पार्षद कांग्रेस कार्यकाल में कहां थे।
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- रेनू डाबला, मेयर, नगर निगम रोहतक।
फर्नीचर घोटाले में पांच का नाम सामने आया है। अधिकारी ने जो जांच रिपोर्ट सौंपी है, उसमें स्पष्ट है कि यदि सही तरीके से खरीद होती तो सात से आठ लाख का लाभ होता। इसमें गड़बड़ी जगजाहिर हो गई है।
अशोक खुराना, पार्षद।
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