शहर में विकास कराने के लिए नगर निगम के अधिकारी पूरी तरह से लापरवाही दिखा रहे हैं। वह विकास कार्यों के टेंडर छोड़ देते हैं, लेकिन काम शुरू ही नहीं कराया जाता है। किसी न किसी कारण से फाइल को अटका दिया जाता है। ऐसे ही जून महीने में 12 करोड़ के टेंडर जरूर छोड़े गए, लेकिन उनका काम शुरू नहीं कराया गया। निगम की ओर से विकास कार्यों की सितंबर की प्रोग्रेस रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इसे लेकर मेयर और पार्षदों ने निगम के अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
निगम पार्षदों की डिमांड पर एक से 20 वार्डों में सभी के 12 करोड़ से ज्यादा के टेंडर छोड़े गए। हालांकि अधिकारी टेंडर छोड़कर भूल गए। उनमें से किसी में काम नहीं कराया गया, जबकि उन कामों को पूरा करने की अवधि नवंबर रखी गई है। इस तरह काम शुरू भी नहीं हुए और उनको पूरा करने की अवधि खत्म होने वाली है। सभी वार्डों में ऐसे ही हालात हैं। इस बात का खुलासा खुद निगम अधिकारियों की ओर से बनाई गई 14 जून 2016 से 22 सितंबर 2016 तक के विकास कार्यों की प्रोग्रेस रिपोर्ट में हुआ है। इसमें अधिकतर टेंडर में रेट अप्रूवल प्रोसेस होने की बात कही गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब काम ही शुरू नहीं हुआ है तो वह निर्धारित समयावधि में कैसे पूरे हो सकते हैं? इसको लेकर ही मेयर समेत कई पार्षदों ने सवाल खड़े किए हैं।
इस वार्ड के इतने रुपये के टेंडर
वार्ड रुपये (लाख में)
1 49.08
2 57.22
3 72.34
4 36
5 68.20
6 103.34
7 71.82
8 128.43
9 49.77
10 2.57
11 91.47
12 32.46
13 34.91
14 84.23
15 7.66
16 96.27
17 57.01
18 27.22
19 121.53
20 37.60
पार्क और अन्य कार्य-68.02
ये बोले जन प्रतिनिधि
शहर में विकास कार्यों के छोड़े गए कई टेंडरों के वर्क आर्डर जारी करा दिए गए हैं। जिससे जल्द ही उन पर काम शुरू हो जाएगा। जिन कार्यों के वर्क आर्डर जारी नहीं हुए हैं उन्हें जल्द जारी कराने का प्रयास किया जाएगा।
- रेनू डाबला, मेयर नगर निगम।
अधिकारी टेंडर छोड़कर भूल जाते हैं और वह विकास कार्य शुरू नहीं कराते हैं। उसके बाद उन काम को पूरा करने की समयावधि खत्म हो जाती है तो काम कराने के लिए फिर से अनुमति लेनी पड़ती है। यह सब कुछ नगर निगम के अधिकारियों के कारण हो रहा है।
नीरा भटनागर, पार्षद वार्ड-14।
मेरे वार्ड में अभी काम शुरू नहीं हुआ है, लेकिन जल्द ही काम शुरू होने की बात कही जा रही है। वार्ड में केवल एक काम चल रहा है और वह भी काफी समय पुराना है। विकास कार्य कराने में लापरवाही बरती जा रही है।
- अशोक खुराना, पार्षद वार्ड 10।