शहर में एक दो दिन में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू हो जाएगा। हर रोज सुबह सात बजे टैंपो और रेहड़ी घर के बाहर आएंगी। इसके बाद उस कूड़े को ट्रैक्टर-ट्रालियों की मदद से भिवानी रोड स्थित बंद पडे़ सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाएगा। वाहन किस समय, कहां कूड़ा कलेक्ट कर रहे हैं इसकी जानकारी भी जीपीएस के माध्यम से अधिकारियों को रहेगी। इसके लिए नगर निगम की ओर से रोहतक की एक एजेंसी को टेंडर दिया गया है।
बुधवार को बचे नौ वार्डों का टेंडर भी रोहतक की एजेंसी के नाम रहा। एजेंसी ने कूड़ा कलेक्शन की तैयारी पूरी कर ली है। निगम हर माह कूड़ा लिफ्टिंग और कूड़ा कलेक्शन पर दो करोड़ से ज्यादा राशि खर्च करेगा। यह टेंडर एजेंसी को तीन साल के लिए दिया गया है।
तीन जोन का ठेका एक एजेंसी को
सफाई के लिए शहर को नगर निगम ने तीन जोन में बांटा हुआ है। एक जोन में वार्ड 1, 2, 3, 4, 5, 6, 9, 10 और 11 को शामिल किया गया है, जबकि जोन नंबर दो में 12, 13, 14, 15, 16, 17, 18, 19 हैं। जबकि तीसरी जोन में ग्रामीण एरिया का वार्ड 7, 8 और 20 हैं। तीनों जोन में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और लिफ्टिंग का ठेका ई-टेडरिंग के माध्यम से जारी किया गया। तीनों बार यह ठेका रोहतक की ही एजेंसी को मिला है।
तंग गलियों के लिए 150 रेहड़ी
एजेंसी की ओर से कुल 85 वाहन कूड़ा लिफ्टिंग के लिए खरीदे गए हैं। इसमें 42 टेंपो और 40 ट्रैक्टर व ट्राली शामिल हैं। जबकि 3 बड़ी गाड़ियां हैं। साथ ही 150 रेहड़ी भी ली गई हैं। तंग गलियों में जहां रेहड़ी से कूड़ा उठाया जाएगा, जबकि खुले एरिया में टेंपो में कूड़ा डालना होगा। गाड़ी के आने समय हर रोज 7 बजे तय किया जाएगा।
कौन गाड़ी कहां गई, होगी सब जानकारी
सफाई व्यवस्था में नजर बनाए रखने के लिए ओल्ड एडीसी कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से एजेंसी और निगम के सफाई कर्मचारी मिलकर कंट्रोल करेंगे। हर गाड़ी पर जीपीएस सिस्टम लगाया गया है। कंट्रोल रूम से पता लग जाएगा कि कौन सी गाड़ी किस टाइम कहां पर थी। साथ ही स्वच्छ रोहतक एप पर भी कोई भी नागरिक गंदगी की फोटो भेज सकता है। तुरंत वहां सफाई करवाकर संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर आउटपुट भेजा जाएगा।
सेनेटरी इंस्पेक्टर रखेंगे नजर
पहली बार डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की योजना पर निजी एजेंसी काम करेगी। लोग हर रोज समय पर गाड़ी में कूड़ा डाल सकेंगे। अगर कोई परेशानी आए तो अपने पार्षदों के माध्यम से या निगम के अंदर आकर सफाई ब्रांच को शिकायत करें। सेनेटरी इंस्पेक्टर पूरी व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
कृष्ण कुमार, एटीपी, नगर निगम