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Rohtak News: लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे ने ट्रांसपोर्ट कारोबार में मांगी हिस्सेदारी, मना करने पर किए 15 से 20 राउंड फायर, 2 घायल, 1 काबू

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25---आईएमटी में भाई-चारा ट्रक यूनियन ऑफिस में फायरिंग के संदिग्ध आरोपीयों की सीसीटीवी फुटेज।
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माई सिटी रिपोर्टर
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रोहतक। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे मोनू डागर ने आईएमटी स्थित ट्रक यूनियन के प्रधान जितेंद्र को फोन कर कारोबार में हिस्सा मांगा। मना करने पर पंजाब के जिला फरीदकोट जेल में बंद डागर के इशारे पर दो बाइक पर सवार होकर आए चार बदमाशों ने वीरवार दोपहर पौने 12 बजे चार बदमाशों ने यूनियन कार्यालय पर प्वाइंट 32 बोर की रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ 15 से 20 राउंड फायर किए। ट्रांसपोर्ट कार्यालय के मुंशी पाकस्मा गांव निवासी सुरेश राणा (25) और ट्रक ड्राइवर बलियाना निवासी रामनिवास (55) घायल हो गए। पुलिस को मौके से तीन जिंदा कारतूस और नौ खोल बरामद हुए हैं। वहीं, पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जोकि नजदीकी गांव खरावड़ का रहने वाला है।

पीजीआई में भर्ती घायल सुरेश को तीन और राम निवास को एक गोली लगी है और हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मोनू डागर को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए अदालत से अनुमति ली है। भाईचारा ट्रक यूनियन के प्रधान जितेंद्र निवासी गांव बलियाणा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 31 दिसंबर 2022 को उन्हें एक कॉल आई। उसने खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य मोनू डागर बताया। उसने कहा कि वह सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल रहा है। उसे ट्रांसपोर्ट कारोबार में हिस्सेदारी चाहिए। उन्होंने पुलिस को शिकायत देने के बजाय खुद ही पता करवाया। कॉल पंजाब के जिला फरीदकोट जेल से आई थी। उन्होंने फोन कॉल को हल्के में लिया।
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यूनियन के प्रधान जितेंद्र ने बताया कि 17 जनवरी को दोबारा कॉल आई। मोनू डागर ने कहा कि उनकी छोटी सी यूनियन है। साथ ही ट्रांसपोर्ट कारोबार में हिस्सेदारी करने से मना कर दिया और अंजाम भुगतने की धमकी दी। वीरवार दोपहर दो बाइक पर चार बदमाश आए और बोले कि वह मोनू डागर के आदमी हैं, जितेंद्र प्रधान कहां है? जब तक कुछ पता चलता उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। 15 से 20 राउंड किए। मुंशी सुरेश राणा और ड्राइवर रामनिवास घायल हो गए। बदमाश फायरिंग करने के बाद आईएमटी चौक की तरफ भाग निकले।

पुलिस ने इन धाराओं में किया केस दर्ज

पुलिस ने सोनीपत के गांव रेवली निवासी मोनू डागर समेत कुछ अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा-307, 452, 506, 120-बी, 34 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद, एसपी ने की एसआईटी गठित

वारदात के बाद एसपी ने डीएसपी यशपाल खटाना के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। सीआईए प्रथम की टीम ने खरावड़ गांव के युवक अंकित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अन्य तीनों आरोपियों की भी पहचान कर ली गई है। उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मोनू डागर को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में मोनू डागर का ही नाम सामने आ रहा है। वह पंजाब के फरीदकोट जेल में बंद है। उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की अदालत से अनुमति ली है। साथ ही गिरफ्तार आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेशकर रिमांड पर लिया जाएगा।

पुलिस को खरावड़ के एक युवक की और तलाश

पुलिस को जांच में पता चला है कि वारदात में शामिल तीन अन्य युवक भी स्थानीय हैं। इसमें अंकित के अलावा दूसरा खरावड़ का ही है। पुलिस पता लगा रही है कि यूनियन का पूरा ब्योरा किसने पंजाब की जेब में बंद मोनू डागर को उपलब्ध कराया।

पांच ट्रक यूनियन, प्रधान तय करता है नंबर

आईएमटी में औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ने के साथ ट्रांसपोर्ट का कारोबार भी बढ़ रहा है। फिलहाल पांच यूनियन सक्रिय है। यूनियन प्रधान ही तय करता है कि कौन सी गाड़ी का नंबर कब है। ट्रक मालिकों को यूनियन माल उपलब्ध करवाती है। इसके बदले में कुछ राशि कमीशन के तौर ली जाती है। वहीं, तीन माह पहले दिल्ली के एक कारोबारी ने आईएमटी थाने में शिकायत देकर केस दर्ज कराया था कि उसकी गाड़ियां आईएमटी में जाती हैं तो प्रति गाड़ी कमीशन मांगा जाता है। एडीजीपी के निर्देश पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
मोनू डागर के इशारे पर ट्रक यूनियन के कार्यालय पर फायरिंग की गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य तीन आरोपियों की पहचान हो गई है। जल्द ही उन्हें काबू कर लेंगे। यूनियन प्रधान व उनके परिवार को सुरक्षा दी जा रही है।

उदय सिंह मीना, एसपी रोहतक

सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में मोनू डागर ने शूटर का किया था इंतजाम, पंजाब-हरियाणा में दर्ज हैं 10 केस

रोहतक। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का जाल रोहतक में भी फैलने लगा है। वीरवार को आईएमटी स्थित ट्रांसपोर्टर के कार्यालय में हुई फायरिंग में पंजाब के जिला फरीदकोट जेल में बंद मोनू डागर का नाम सामने आया है, जो बिश्नोई गैंग का शॉर्प शूटर है। खुलासा हुआ है कि उसके कहने पर ही चार स्थानीय युवाओं ने आईएमटी की ट्रक यूनियन के कार्यालय पर फायरिंग की है। इस मामले में अंकित खरावड़ को गिरफ्तार कर पुलिस पूछताछ कर रही है, ताकि अन्य आरोपियों तक आसानी से पहुंचा जा सके।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि मोनू डागर ने जेल से गोल्डी बराड़ के कहने पर दो शूटर उपलब्ध कराए थे। उस पर शूटर की टीम बनाने में भी मदद करने का आरोप है। हालांकि रोहतक पुलिस का कहना है कि यह तो पंजाब पुलिस ही बता सकती है।

पुलिस के मुताबिक सोनीपत जिले के गांव रेवली निवासी मोनू डागर के खिलाफ रोहतक में एक भी केस दर्ज नहीं है। पहला केस वीरवार को आईएमटी थाने में दर्ज किया गया है। डागर के खिलाफ पंजाब और हरियाणा में आठ से 10 केस दर्ज हैं। उस पर एक दिसंबर, 2021 को पंजाब के मोगा के डिप्टी मेयर पर गोली चलाने का आरोप है। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। तब मोगा के एसपी सुरिंदरजीत मंड ने पत्रकारों को बताया था कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का शॉर्प शूटर मोनू डागर कनाडा में रह रहे गोल्डी बराड़ के कहने पर डिप्टी मेयर के भाई को मारने आया था। वह अमृतसर में राणा कंडोवालिया की हत्या में भी आरोपी है। इससे पहले डागर जुलाई, 2015 में सोनीपत जिले के गांव रूखी के मंजीत की हत्या के मामले में प्रियव्रत व मंजीत के साथ नामजद रहा है।

पुलिस का दावा...पैसे का लालच युवाओं को जोड़ रहा गैंग

सीआईए पुलिस ने आईएमटी में हुई फायरिंग में खरावड़ निवासी अंकित को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अंकित पहले सांपला तहसील में टाइपिस्ट का काम करता था। बहन की शादी हो चुकी है, जबकि घर पर मां है। सांपला तहसील में ही वह गैंग के संपर्क में आया। गैंग के सदस्यों ने उसे लालच दिया कि उनका साथ देने पर जो कर्ज है, वह उतर जाएगा। पुलिस का मानना है कि गैंग युवाओं को लालच देकर अपने साथ जोड़ रहा है। पुलिस के मुताबिक एक जनवरी को गांधरा गांव में हवाई फायरिंग हुई थी। आईएमटी में फायरिंग करने में शामिल चार युवकों में से तीन उसमें शामिल थे। अब पुलिस उस वारदात में भी गिरफ्तार आरोपी अंकित से पूछताछ करेगी।

तीन घंटे में ही एक आरोपी को किया गिरफ्तार

पुलिस को जांच में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिली। फुटेज में चारों युवक साफ दिखाई दे रहे थे। सीआईए प्रथम के एएसआई विनोद दलाल के नेतृत्व में एएसआई संत कुमार, दिनेश कुमार, मुख्य सिपाही प्रदीप, मुख्य सिपाही प्रवीण, मुख्य सिपाही महावीर, सिपाही नरेंद्र व सिपाही नितेश की टीम ने कई जगह दबिश दी। तीन घंटे में खरावड़ निवासी अंकित को दबोच लिया। त्वरित कार्रवाई पर एसपी उदय सिंह मीना ने सीआईए की टीम की पीठ थपथपाई है।



फायरिंग से गूंज उठा कार्यालय, फिर देख लेने की दी धमकी

वीरवार को चार युवक करीब पौने 12 बजे यूनियन कार्यालय पहुंचे। उस समय ड्राइवर बैठक कर रहे थे। युवकों ने कहा कि तुम्हारा प्रधान कहां है। उन्होंने कहा कि अंदर ऑफिस में बैठे होंगे। ये सुनकर युवक अंदर गोलियां चलाते हुए गए। जिससे कार्यालय गूंज उठा। इसके बाद हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए। उन्होंने जाते हुए धमकी दी कि आज तो प्रधान बच गया, फिर देख लेंगे।
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अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग से चौंक गए घायल

घायल सुरेश व रामनिवास ने बताया कि उन्हें अंदेशा नहीं था कि फायरिंग हो जाएगी। सुरेश यूनियन की गाड़ियों का रिकॉर्ड देख रहा था, जबकि रामनिवास पास बैठा था। अचानक युवक फायरिंग करते हुए आए। जब तक कुछ समय में आता, तीन गोलियां लगने से सुरेश व एक गोली लगने से रामनिवास घायल हो गया। हालांकि हमलावरों ने उनकी हत्या के इरादे से गोलियां नहीं मारीं।
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