म्यूजिक कंपनी जेम्स ट्यून्स के मालिक राव इंद्रजीत ने दी सफाई
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रोहतक पुलिस के एएसआई संदीप लाठर ने 14 अक्तूबर को खुदकुशी से पहले बनाए वीडियो में राव इंद्रजीत को केस से बाहर निकालने के लिए 50 करोड़ रुपये की डील के आरोप लगाए थे। तब यह स्पष्ट नहीं था कि राव इंद्रजीत कौन हैं? अब म्यूजिक कंपनी जेम्स ट्यून्स के मालिक राव इंद्रजीत ने सफाई देते हुए आशंका जताई है कि संदीप को किसी साजिश के तहत उनका नाम लेने के लिए मजबूर किया गया होगा।
राव इंद्रजीत ने कहा कि वे एएसआई संदीप और आईपीएस वाई पूरण कुमार को नहीं जानते हैं। संदीप ने वीडियो में उनका नाम क्यों लिया यह भी उनकी समझ से परे है। राव ने बताया कि संदीप ने वीडियो में जिस 50 करोड़ की डील का जिक्र किया है वह मामला एक साल पुराना रोहतक के सदर थाने का है।
दिसंबर 2024 में झज्जर से रोहतक के किलोई गांव में अपने चचेरे भाई की शादी में आए दिल्ली पुलिस के पूर्व सिपाही मनजीत की हत्या कर दी गई थी। मनजीत की हत्या के बाद गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालकर जिम्मेदारी ली थी।
बदमाश बराती बनकर आए थे और मनजीत की गोली मारकर हत्या कर दी थी। विरोध करने पर पास में खड़े मनदीप को भी पेट में गोली मारी थी। राव ने बताया इस केस में पुलिस 120 बी के तहत उन्हें फंसाना चाहती थी। आरोप लगाया कि डीघल के फाइनेंसरों ने पुलिस से मिलकर जानबूझकर उनका नाम केस में घसीटा था।
इस संबंध में उन्होंने 10 से अधिक बार पुलिस विभाग के आला अधिकारियों से लेकर डीजीपी तक शिकायत दी। हालांकि शिकायतों पर कार्रवाई होने के बजाय उल्टा उन्हीं को 4–5 झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की गई।
उन्होंने कहा है कि उनके खिलाफ लगाए सभी आरोप पूरी तरह निराधार, मनगढ़ंत और बेबुनियाद हैं। उनका किसी भी प्रकार के अपराध, षड्यंत्र या किसी आपराधिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है।
वीडियो वायरल होने के बाद दी सफाई
राव ने कहा है कि उन्हें दिवंगत आईपीएस पूरण कुमार और एएसआई संदीप कुमार लाठर की आत्महत्या की घटनाओं पर दुख है लेकिन उन्होंने उसका नाम क्यों लिया यह वह समझ नहीं पा रहे हैं। कहा, यह एक बहुत बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। राव ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है।
गुरुग्राम में हुई फायरिंग में भी उछला था नाम
इसी साल अगस्त में सिंगर राहुल फाजिलपुरिया पर गुरुग्राम में हुई फायरिंग की घटना के बाद भी म्यूजिक कंपनी के मालिक राव इंद्रजीत सिंह का नाम मीडिया में उछला था। हालांकि तब भी राव ने कहा था कि इस मामले में उनका कुछ लेना-देना नहीं है। पुलिस ने बाद में बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था। इसी साल राव इंद्रजीत सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने रेड भी डाली थी।
rohtak asi sandeep kumar
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यह था पूरा मामला
एडीजीपी वाई पूरण कुमार के गनमैन रहे हवलदार सुशील कुमार को गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल रोहतक साइबर सेल के एएसआई संदीप लाठर (42) ने मंगलवार दोपहर सर्विस पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मौके से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है। इस नोट और इससे पहले बनाए गए वीडियो में संदीप ने एडीजीपी पूरण कुमार को भ्रष्ट अधिकारी बताया। कहा, भ्रष्टाचार केस में गिरफ्तारी के डर से ही पूरण कुमार ने खुदकुशी की थी।
रोहतक के एएसआई संदीप ने इसी कमरे में की आत्महत्या
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गांव लाढ़ौत में मामा के खेत पर एएसआई ने की खुदकुशी
जींद के जुलाना निवासी संदीप लाठर रोहतक के सुखपुरा चौक स्थित पुलिस क्वार्टर में मां इंद्रावती, पत्नी संतोष और तीन बच्चों (प्रतिभा, रूपक व विहान) के साथ रहते थे। पांच बहनों के वे इकलौते भाई थे। संदीप मंगलवार सुबह सादे कपड़ों में रोहतक जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर गांव लाढ़ौत में अपने मामा व पूर्व सरपंच बलवान के खेत में पहुंचे थे। यहीं पहली मंजिल पर बने कमरे (कोठड़े) में दोपहर करीब एक बजे सर्विस पिस्टल से कनपटी में गोली मारकर खुदकुशी कर ली।
कनपटी से खून की बौछार
गोली की आवाज सुनकर खेत में काम कर रहा यूपी के बहराइच जिले का निवासी जिलेदार कमरे में पहुंचा। जिलेदार ने बताया कि संदीप की कनपटी से खून की बौछार निकल रही थी। उसने तुरंत मालिक के बेटे अजीत को फोन करके सूचना दी। अजीत ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। एएसआई के सुसाइड की खबर मिलते ही एसपी सुरेंद्र कुमार भौरिया समेत तमाम अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम भी बुलाई गई। करीब तीन घंटे तक टीम ने जांच की। एसपी ने बताया कि मौके से चार पेज का पत्र मिला है। हालांकि इसके आगे उन्होंने जांच का विषय बता दिया।
15 अगस्त पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने किया एएसआई संदीप को सम्मानित किया था
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नरेंद्र बिजारणिया को बताया ईमानदार अफसर
सुसाइड नोट में संदीप कुमार ने जातिवाद और भ्रष्टाचार की लड़ाई में खुद की शहादत को पहली बताया है। लिखा है कि एडीजीपी वाई पूरण कुमार जब से रोहतक के आईजी बनाए गए थे तभी से जातिवाद और भ्रष्टाचार कर रहे थे। नोट में तमाम आईएएस को भ्रष्ट बताते हुए रोहतक के पूर्व एसपी नरेंद्र बिजारणिया को ईमानदार अफसर लिखा गया है।