रोहतक। नगर निगम का वार्ड नंबर दो एससी वर्ग के लिए आरक्षित करने के मामले में पूर्व पार्षद राजबीर सैनी के बेटे की याचिका वीरवार को पंजीकृत हो गई। अब हाईकोर्ट 18 जनवरी को निर्णय लेगा कि याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर किया जाए या नहीं। याचिका मंजूर होती है तो नगर निगम रोहतक का चुनाव कानूनी लड़ाई में फंस जाएगा।
याचिकाकर्ता एडवोकेट राजेश सैनी ने 11 जनवरी को ऑनलाइन याचिका भेजी थी। याचिका में बताया कि उसका मकान वार्ड नंबर दो स्थित इंदिरा काॅलोनी में है। वार्ड के बूथ क्रमांक 38, 39 और 40 में सैनी समुदाय के 2800 मतदाता हैं, जो बीसी (बी) में आते हैं। जबकि वार्ड आरक्षित करते समय वार्ड दो में केवल बीसी बी वर्ग के केवल 2133 जनसंख्या दिखाई गई है। नगर निगम ने वार्ड आरक्षित करते समय एससी वर्ग के लिए 22 में चार ऐसे वार्ड चयनित किए, जिनमें एससी वर्ग की जनसंख्या ज्यादा है। इस तरह गलत डाटा की वजह से वार्ड दो बीसी बाहुल्य होने के बावजूद एससी वर्ग के लिए आरक्षित हो गया। इस प्रकार यह आरक्षण हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 11 और हरियाणा नगर निगम वार्ड परिसीमन नियम, 1994 की धारा 7(सी) का उल्लंघन हैं। आरोप यह गड़बड़ी परिवार पहचान पत्र से जनसंख्या जोड़ने की वजह से हुई है। याचिकाकर्ता के वकील एडवोकेट संदीप शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट से याचिका पर त्वरित सुनवाई के लिए आग्रह किया गया है।
मतदाता सूची फाइनल, 14 व 21 वार्ड में सबसे ज्यादा बूथ
वहीं, नगर निगम की ओर से मतदाता सूची को फाइनल कर दिया गया है। 1 से 22 वार्ड के अंदर वार्ड नंबर 14 व 21 में सबसे ज्यादा 16-16 बूथ हैं। जबकि वार्ड नंबर एक में सबसे कम 8 बूथ बनाए गए हैं। निगम में अब कुल 3 लाख 19 हजार 145 मतदाता हैं। इसमें 1 लाख 65 हजार 822 पुरुष व 1 लाख 53 हजार 319 महिला मतदाता हैं। जबकि चार अन्य मतदाता शामिल हैं। साथ की कुल 285 बूथ बनाए गए हैं। इसमें 182 रोहतक, 75 कलानौर व 21 बूथ गढ़ी सांपला-किलोई हलके में आते हैं।
मतदाता सूची को फाइनल कर सार्वजनिक ऑनलाइन जारी किया गया है। कुल 285 बूथ बनाए गए हैं। इसमें 182 रोहतक, 75 कलानौर व 21 बूथ गढ़ी सांपला-किलोई हलके में आते हैं।
जितेंद्र कुमार, उप नगर आयुक्त, नगर निगम
वार्ड को आरक्षित करने के मामले में उसने अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई। इस कारण हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
एडवोकेट राजेश सैनी, याचिकाकर्ता