रोहतक। नगर निगम के कानूनगो व पटवारी के खिलाफ गिरफ्तारी के 60 दिन के अंदर आरोप पत्र दाखिल होगा। एक दिन पहले कानूनगो संदीप खोखर की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इनकी पेशी हुई। अब अगली सुनवाई से पहले आरोपी कानूनगो व पटवारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करनी होगी। उधर, मुख्यालय से भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त एटीपी जितेंद्र कुमार को बहाल कर दिया गया है, लेकिन रोहतक निगम में पोस्टिंग नहीं दी गई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पांच दिसंबर को कुताना निवासी मनेंद्र ने आर्य नगर थाने में शिकायत दी थी कि उसके पिता का 2017 में देहांत हो गया था। अब प्रॉपर्टी मां सुनील कुमारी, बहन आरती व रश्मी और शिकायतकर्ता मनेंद्र के नाम आ गई। उन्होंने अपनी जमीन के 815.47 वर्ग गज पर निर्माण कार्य कर रखा है, जिसकी नगर निगम प्रॉपर्टी बनी हुई है। उक्त जमीन में दोनों बहन व भाई अपना हिस्सा मां सुनील कुमारी के नाम पर करना चाहते हैं। इसके लिए नगर निगम के कानूनगो संदीप खोखर से बात हुई। संदीप के पास पटवारी सुमित उर्फ मोनू दहिया भी थे। आरोप है कि कानूनगो ने कहा कि एनओसी व प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने का काम खुद ही करवा देगा। कानूनगो और पटवारी ने एनओसी के नाम पर उससे 41.27 लाख रुपये ले लिए। पांच दिसंबर को आरोपी कानूनगो व सुमित उर्फ मोनू पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 व 13 के तहत केस दर्ज किया गया। डीएसपी रवि खुंडिया के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत के चलते जेल में बंद हैं।
एटीपी बहाल, नहीं मिली रोहतक निगम में पोस्टिंग
भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार एटीपी जितेंद्र कुमार को अदालत से जमानत मिलने के बाद बहाल कर दिया गया है। आरोपी को रोहतक निगम की जगह जिले से बाहर ड्यूटी दी गई है। हालांकि निगम के अधिकारी इस बात को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं।
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आरोपी कानूनगो संदीप खोखर को पुलिस अदालत में नहीं पेश कर सकी। ऐसे में न्यायिक हिरासत के चलते सुनारिया जेल में बंद आरोपी कानूनगो संदीप खोखर की वीसी से पेश हुई। अगली तारीख पर आरोप पत्र पुलिस को दाखिल करना होगा।
एडवोकेट सुशील पांचाल, वकील पीड़ित पक्ष
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आरोपी एटीपी को अदालत से जमानत मिलने के बाद बहाल कर दिया है। उसे रोहतक की जगह बाहर ड्यूटी दी गई है।
मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम