रोहतक। पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में एमफिल साइकियाट्रिक सोशल वर्क (पीएसडब्लू) के छात्रों ने प्रशासन पर लगातार भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए क्लीनिकल ड्यूटी का बहिष्कार करने का सामूहिक निर्णय लिया है।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, वे किसी भी प्रकार की क्लीनिकल ड्यूटी नहीं करेंगे। छात्रों ने आरोप लगाया है कि जनवरी 2023 के बाद से हॉस्टल फीस को लेकर कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई।
लेकिन, 13,000 की फीस के साथ 54,000 तक का अनुचित जुर्माना मांगा जा रहा है। जब छात्रों ने बात डीन के सामने रखी तो उन्हें कथित तौर पर तुम्हारे कोर्स को ही बंद कर देते हैं, जैसी धमकी मिली।
पीएचडी आवेदन के लिए ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट्स मांगने पर डीन ने यूजीसी गाइडलाइंस व हाईकोर्ट के आदेशों को मानने से इन्कार कर दिया। छात्रों ने राज्यपाल, स्वास्थ्य मंत्री, समाज कल्याण विभाग, प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय की गुहार लगाई है। संवाद