सरपंच व पूर्व पंच को मिलवाया गले
जिला परिवेदना समिति की बैठक में 13 शिकायतें आईं, जिसमें से 11 का समाधान किया गया। खेड़ी साध से आए शिकायतकर्ता ने कहा कि गांव में पानी व्यर्थ बह रहा है। विभाग पाइप लाइन ठीक नहीं कर रहा। राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने समझाया कि व्यर्थ खुद भी ग्रामीण पानी बहाते हैं, ऐसा न करें। इस पर शिकायतकर्ता ने उल्टा जवाब दिया, बोले नेता भी गाड़ियां धोते हैं। इसके बाद उसे बैठक से बाहर कर दिया गया। इससे बाद मड़ौदी गांव के पूर्व पंच होशियार सिंह ने शिकायत दी थी कि गांव की चौपाल के बीचोंबीच रास्ता नहीं होना चाहिए। जवाब में सरपंच ने कहा कि पूर्व पंच उसकी शिकायत करता रहता है। काम नहीं करने देता। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने दोनों को गले मिलवाया और एक-दूसरे का साथ देने की सलाह दी।
मंत्री ने जूनियर अधिकारी किए बैठक से बाहर
सुबह 11 बजे पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार परिवेदना समिति की बैठक में पहुंचे, जहां सबसे पहले उन अधिकारियों को खड़ा किया, जिनके मुख्य अधिकारी नहीं आए हुए थे। ऐसे में पांच जूनियरअधिकारियों को बैठक से बाहर कर दिया गया। साथ ही डीसी से कहा कि उन आला अधिकारियों से जवाब लें, जो बिना सूचना नहीं आए। मंत्री बोले, "जो भी जूनियर अधिकारी मीटिंग में आए हैं सम्मान के साथ अपने कार्यालय वापस चलें जाएं".. "सीनियर अधिकारी अगर परिवेदना समिति की मासिक बैठक में नहीं आयेंगे तो सस्पेंड होंगे"