रोहतक। स्व-जनगणना के पहले ही दिन पोर्टल धीमा होने से नागरिक परिवार की गणना ऑनलाइन दर्ज नहीं कर पाए। वहीं प्रशिक्षण में शिक्षकों की अनुपस्थिति से अनुमान है कि कहीं जनगणना का कार्य लटक न जाए। वहीं 150 से ज्यादा शिक्षकों ने जनगणना से दूरी बना ली है।
भारत सरकार की जनगणना 2027 की प्रक्रिया डिजिटल पहल के साथ शुरू हो गई है। नागरिक जनगणना के अधिकारिक पोर्टल पर अपनी जनगणना संबंधी जानकारी दे सकते हैं लेकिन वीरवार को पोर्टल धीमा रहा। इस कारण नागरिकों को जानकारी दर्ज करने के लिए पोर्टल के चलने का इंतजार करना पड़ा। दूसरी ओर 1 मई से 30 मई तक हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना का चरण चलेगा जिसमें गणनाकर्ता घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे।
जिला प्रशासन की ओर से 6 से 8 अप्रैल, 9 से 11 अप्रैल और 15 से 17 अप्रैल तक गणनाकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें मुख्यत: राजकीय और निजी विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। निगम निगम के जनगणना नोडल अधिकारी ने रोहतक ब्लॉक की 6-8 अप्रैल की ट्रेनिंग में भाग न लेने वाले 37 विद्यालयों के करीब 110 शिक्षकों को कारण बताओ को नोटिस जारी किया है। वहीं महम-लाखन माजरा ब्लॉक की 15-17 अप्रैल को होने वाले प्रशिक्षण में भाग न लेने वाले 42 शिक्षकों को जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से नोटिस जारी किया है।
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शिक्षकों के लिए चुनौती
- बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में शिक्षकों की ड्यूटी
- विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रवेश उत्सव
- पढ़ाई प्रभावित होना और अतिरिक्त कार्यभार
- जनगणना का ऑनलाइन डेटा फीडिंग
वर्जन
पहले चरण की ट्रेनिंग में न पहुंचने वाले शिक्षकों नोटिस भेजकर आगामी प्रशिक्षण में बुलाया जाएगा। विकलांग, सीसीएल और सीएल के कर्मचारियों राहत दी जा रही है। - मनजीत कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
जिला जनगणना अधिकारी से मुलाकात कर 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता और मातृत्व अवकाश वालों को राहत देने की मांग की गई थी लेकिन अभी तक कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। - राजीव दलाल, जिला प्रधान, हसला।