माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। नौतपा के तीसरे दिन पारा रिकाॅर्ड 47.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पारा अभी तीन दिन और तपाएगा। पिछले 15 दिन से लगातार 40 डिग्री से अधिक तापमान बना हुआ है। लू का कहर जारी रहेगा। ऐसे में लगातार 18 दिन तक 40 डिग्री से अधिक तापमान बने रहने का वर्ष 2002 व 1978 के बाद रिकाॅर्ड समय रहेगा। मौसम में 31 मई को एक पश्चिमी विक्षोभ बनने से कुछ राहत की आस है।
जिले में सोमवार को अधिकतम तापमान रिकाॅर्ड 47.1 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन का तापमान सामान्य से 6.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। पिछले 15 दिन से तापमान में उछाल बना हुआ है। यह लगातार 40 डिग्री से अधिक बना हुआ है। आने वाले तीन दिन और यह स्थिति बने रहने के आसार हैं। इसकेे चलते एक बार फिर वर्ष 2002 व 1978 की तरह लगातार 18 दिन 40 डिग्री से अधिक तापमान बना रहेगा। यह रिकाॅर्ड तीसरी बार बनेगा।
एचएयू के कृषि विज्ञान एवं मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. एमएल खीचड़ ने बताया कि फिलहाल गर्मी से राहत की आस नहीं है। लू का कहर बना रहेगा। वायुमंडल में 31 मई को एक पश्चिमी विक्षोभ बनने जा रहा है। इससे बारिश होने पर राहत की आस है।
मई में 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहे तापमान का ब्योरा
वर्ष दिन
2024 15
2023 12
2022 17
2002 18
1984 19
1978 19
1970 18
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ट्रांसफार्मरों पर कूलर लगाने की तैयारी
फोटो 1 - ट्रांसफार्मरों पर लगेंगे कूलर।
सांपला। इलाके के लोग भीषण गर्मी और हीट वेव की चपेट में हैं। वहीं बिजली की खपत बढ़ गई। अधिक गर्मी और लोड की वजह से ट्रांसफार्मर हाफ रहे हैं। इससे बिजली कट भी शुरू हो गए। विद्युत निगम ने ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए कूलर लगाने के निर्देश दिए हैं। 132 केवी पावर हाउस में बड़े-बड़े पंखे लगाए गए हैं, जबकि हसनगढ़ पावर हाउस के ट्रांसफार्मरों पर कूलर लगाने की तैयारी की गई है। अधिक गर्मी की वजह से बाजार में भी ग्राहक कम हो गए हैं। सोमवार को भी प्रचंड गर्मी और हीट वेव ने लोगों को खूब झुलसाया। दोपहर में तो सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही कम हो गई।
फसलों में नुकसान की आशंका
ज्यादा तापमान बढ़ने से फसलों में नुकसान की आशंका बढ़ गई है। कृषि विभाग का कहना बेल वाली फसलों में तो नुकसान हो चुका है। अब जिन किसानों ने कपास की फसल लगा रखी है, जो जमीन से बाहर आ चुकी है, उसमें नुकसान हो सकता है। किसान फसल में दिन के बजाय शाम को पानी लगाएं। संवाद