बेरी मार्ग पर महिला स्पेशल बस सेवा बंद होने से नाराज छात्राओं ने मंगलवार को दिल्ली बाईपास पर जाम लगा दिया। छात्राएं चौराहे के प्रत्येक रोड पर लाइन लगाकर खड़ी हो गईं।
मामला बढ़ता देख भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने छात्राओं से मार्ग खोलने को कहा लेकिन छात्राओं ने बात नहीं मानी। डीएसपी पुष्पा खत्री भी मौके पर पहुंचीं। इस दौरान छात्राओं ने कहा कि बसों में अधिक भीड़ होने के कारण युवक छेड़ते हैं। रोहतक में पढ़ने आना मुश्किल हो गया है। बस आते ही छात्र सीटों पर कब्जा कर लेते हैं। जब छात्राएं बस में सवार होती हैं तो उन पर फब्तियां कसते हैं।
महिला स्पेशल बस चलाईं जाएं। डीएसपी खत्री ने छात्राओं को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। छात्राओं ने बताया कि पिछले छह माह से रोहतक-बेरी मार्ग पर चलने वाली महिला विशेष बस सेवा बंद है। वहीं, मौके पर पहुंचे रोडवेज जीएम ने महिला स्पेशल बस चलाने में साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह कोई बस पहले चली ही नहीं। प्रदर्शन करने वालों में अनामिका, संगीता, छवि, रानी, कविता सहित अन्य छात्राएं व छात्र शामिल रहे।
छात्र भी आए समर्थन में
छात्राओं के सड़क पर हाथ बांधकर खड़े होकर हंगामा करने के कुछ देर बाद ही बाईपास पर कॉलेज व कोचिंग के आने वाले छात्र भी इकट्ठा हो गए। इनमें अधिकतर वे ही छात्र थे जो रोहतक-बेरी मार्ग पर मौजूद गांवों के रहने वाले हैं। छात्रों ने भी छात्राओं के साथ प्रदर्शन किया।
सात गांवों के करीब 400 विद्यार्थी परेशान
रोहतक-बेरी मार्ग पर सात प्रमुख गांव पड़ते हैं। इनमें बेरी, गोच्छी, धांडलान, डीघल, करौंथा प्रमुख हैं। इन गांवों में से प्रतिदिन शहर में करीब 400 विद्यार्थी आते हैं।
महिलाओं के लिए स्पेशल बस कभी चलाई ही नहीं गई तो बंद कैसे की जाती? इसके लिए कुछ महिलाएं मेरे कार्यालय में आईं थीं, लेकिन मैंने उनको बता दिया था कि इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है कि अलग से बस चलाई जा सके। इस तरह कोई बस नहीं चल सकती है।
ओपी बिश्नोई, जीएम रोडवेज।