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ढाई घंटे इंतजार के बाद निराश लौटे मॉडल स्कूल के अभिभावक

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मुख्यमंत्री के इंतजार में खड़े मॉडल स्कूल के अभिभावक। - फोटो : RohtakCity
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रोहतक। ढाई घंटे धूप में खड़े होकर इंतजार करने के बाद मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे मॉडल स्कूल अभिभावकों को उस समय निराशा हाथ लगी जब सुरक्षा गार्डों ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए मॉडल स्कूल के करीब 40 अभिभावक दोपहर 12 बजे से ही पुरानी आईटीआई ग्राउंड में इंतजार कर रहे थे। लेकिन सुरक्षा गार्डों ने उन्हें सीएम को ज्ञापन नहीं देने दिया।
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स्कूल प्रशासन से नाराज अभिभावक रविवार को 12 बजे मानसरोवर पार्क में बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। अभिभावक संघ के प्रधान यशवंत मलिक ने बताया कि स्कूल ही नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी अभिभावकों को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारी नहीं चाहते कि स्कूल द्वारा वार्षिक शुल्क के नाम पर लूट बंद हो। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन लगातार हठधर्मिता अपनाए हुए है और आज तक वार्षिक शुल्क वसूल रहा है। इस मौके पर अभिभावक एसोसिएशन के अध्यक्ष रणधीर खटकड़, एडवोकेट संदीप कुमार, अध्यापक संघ के अध्यक्ष यशवंत मलिक, सरदार हरविन्द्र सिंह, मंजीत व दलबीर सिंह मौजूद रहे।
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नए सत्र से बदलीं किताबें
अभिभावकों ने बताया कि नए सत्र के लिए स्कूल प्रबंधन ने किताबें बदल दी हैं। कोरोना काल में बच्चों को नई किताबें दिलवाने की मजबूरी भी अभिभावकों की कमर तोड़ने का काम करेगी। वहीं स्कूल ने बच्चे की एसएलसी लेने के लिए अंतिम तिथि 10 अप्रैल घोषित कर दी है। अगर 10 अप्रैल तक अभिभावक ने एसएलसी नहीं ली तो उस पर पिछला वार्षिक शुल्क व फीस व आगामी 3 महीनों की फीस व वार्षिक शुल्क फिर से जोड़ दिए जाएंगे।
5 अप्रैल से शुरू होंगी ऑफलाइन कक्षाएं
प्रधानाचार्य ने 5 अप्रैल से स्कूल ऑफलाइन शुरू करने की घोषणा की है। इसके बाद ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर दी जाएंगी। इसके लिए अभिभावकों से मंजूरी पत्र भी मांगा जा रहा है। हालांकि कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते अभिभावक अभी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं है।
डायरेक्टर ऑफ स्कूल एजुकेशन की तरफ आए आदेशों के अनुसार ही 5 अप्रैल से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होंगी। इसके लिए अभिभावकों से मंजूरी पत्र भी मांगा गया है। जिन बच्चों को कोई बुखार, खांसी या जुकाम की शिकायत है उन्हें स्कूल में आने से मना किया गया है। नए सत्र से सिर्फ पहली कक्षा का ही एक सेट किताबों का उपायुक्त के आदेशोनुसार बदला गया है।
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- डॉ. अरुणा तनेजा, प्रधानाचार्य, मॉडल स्कूल
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