अब मनरेगा से गांवों के तालाबों की तस्वीर बदलेगी। पिछले दिनों जल संरक्षण दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए जल शक्ति अभियान के तहत तालाबों की स्थिति में सुधार किया जाएगा। इस कड़ी में जिले के विभिन्न गांवों के 14 गांवों के तालाबों को मंजूरी दे दी गई है, अन्य गांवों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए जल संरक्षण अभियान की थीम कैच द रेन है। इसमें सारा फोकस बरसात के पानी को बचा कर भूजल स्तर में सुधार करने पर है। इसके कई कंपोनेंट में से एक ग्रामीण तालाब भी हैं। विभागीय तालमेल न होने के कारण बड़ी संख्या में तालाबों की हालत खराब है। हरियाणा की पॉन्ड अथॉरिटी ने भी इस दिशा में काम शुरू किया है। राज्य में पंचायती राज संस्थाएं अपनी अवधि पूरी करने के बाद भंग हो चुकी हैं। हालांकि उनके अधिकारी खंड विकास व पंचायत अधिकारियों को दिए गए हैं। लेकिन पंचायत विभाग के पास जिस मद में जितने फंड होंगे, वे उसी के अनुसार गांवों में विकास कार्य करवाएंगे। लेकिन मनरेगा में काफी फंड मौजूद है, इसके जरिये ग्रामीण लोगों को रोजगार भी देना है। इसलिए सरकार ने जल शक्ति अभियान में मनरेगा को भी शामिल किया है। जानकारी के मुताबिक जिला परिषद के पास बुधवार तक 14 ग्रामीण तालाबों के प्रस्ताव आए थे, सभी को मंजूरी दे दी गई है। सभी बीडीपीओ से कहा गया है कि वे अपने क्षेेत्र के सभी गांवों में देखें, जो भी तालाब खराब है उसका प्रस्ताव बना कर भेजें। इस वित्त वर्ष में मनरेगा के माध्यम से जल शक्ति अभियान का ज्यादा से ज्यादा काम करवाने का लक्ष्य रखा गया है।
इन गांवों के तालाबों में होगा सुधार
बहलंबा, मोखरा पाना खेड़ी, किशनगढ़, सुंदरपुर, निदाना, बेदवा, इस्माईला 9-बी, घरावठी और चिड़ी गांवों के तालाबों की मिट्टी निकाल कर इसमें साफ पानी भरा जाएगा। अजायब पाना खास, किशनगढ़, कारोर के दो-दो तालाब लिए गए हैं।
315 हुआ मनरेगा का मानदेय
राज्य सरकार ने मनरेगा का मानदेय 309 से बढ़ाकर इस वित्त वर्ष से 315 रुपए कर दिया है। हरियाणा सरकार हर साल मनरेगा का मानदेय बढ़ाती है। 315 रुपये मार्च 2022 तक है। देश भर में मनरेगा में सबसे ज्यादा मानदेय हरियाणा में दिया जाता है।
टोल फ्री नंबर पर करें शिकायत
जिला परिषद ने मनरेगा संबंधित शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 18001803405 जारी कर दिया है। कोई भी मनरेगा से संबंधित किसी भी तरह की शिकायत या सूचना इस पर दे सकता है। मनरेगा लांच हुआ था तो जिलास्तर पर शिकायत के लिए नंबर जारी किए गए थे। लेकिन वे खत्म हो गए और मुख्यालय स्तर पर ही नंबर रह गया। अब मुख्यालय के निर्देश पर जिलास्तरीय शिकायत सेल बनाया गया है। सेल के इंचार्ज रविंदर कुमार ने बताया कि इसमें शिकायत और शिकायतकर्ता के विवरण का रिकॉर्ड रखा जाएगा। शिकायत को कोड नंबर देकर उसे शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराया जाएगा। फिर बीडीपीओ कार्यालय को शिकायत पर कार्रवाई करने के बाद शिकायतकर्ता को सूचित करने को कहा जाएगा।
मनरेगा संबंधित शिकायतों के लिए जिलास्तर पर टोल फ्री नंबर जारी किया गया है, लोग वहां कोई भी सूचना दे सकते हैं। वहीं, जल शक्ति अभियान के तहत ज्यादा से ज्यादा तालाबों की स्थिति में सुधार किया जाएगा। 14 तालाबों को मंजूरी दी जा चुकी है, बाकी गांवों के प्रस्ताव मांगे गए हैं।
- ब्रह्मप्रकाश अहलावत, सीईओ, जिला परिषद