माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। मानसून सत्र में सोमवार को राजीव गांधी खेल परिसर की बदहाली का मुद्दा विधानसभा में विधायक भारत भूषण बतरा ने जोर-शोर से उठाया। स्टेडियम के फोटो मुख्यमंत्री व खेल मंत्री को सौंपे। साथ ही, इस धरोहर को सहेजने व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की अपील की।
विधायक ने कहा कि हुड्डा सरकार ने 2012 में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम बनाया था। यह अब जर्जर हाल है। स्टेडियम की मूलभूत सुविधाएं शौचालय, ट्रैक, चेंजिंग रूम, पेयजल, मैदान, लाइट की चरमराई व्यवस्था के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदम के बारे में पूछा।
सरकार से वर्ष 2019 से 25 तक स्टेडियम के रखरखाव का ब्योरा भी मांगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि खेल मंत्री गौरव गौतम युवा होने के नाते इस ओर उचित कदम उठाएंगे। ऐसा नहीं हुआ। हुड्डा सरकार ने 112 एकड़ में यह स्टेडियम सभी तरह की सुविधाओं के साथ बनाया था।
हरियाणा में ऐसा दूसरा स्टेडियम नहीं है। वर्तमान में यह जर्जर हालत है। इसका मात्र 25 करोड़ रुपये के प्रपोजल से उद्धार नहीं हो सकता। इसकी मरम्मत व विस्तार की आवश्यकता है। उन्होंने सदन में आरोप लगाया कि स्टेडियम की अनदेखी की जा रही है। इसकी वजह स्टेडियम का रोहतक में होना है। साई बॉक्सिंग अकादमी ही नहीं, इस स्टेडियम को राष्ट्रीय स्तर का घोषित किया जाना चाहिए।
खेल मंत्री ने सदन में दिया जवाब
खेल मंत्री ने विधायक के सवाल पर कहा कि स्टेडियम के कई हिस्सों को वास्तव में मरम्मत की आवश्यकता है। इसके लिए 25 करोड़ रुपये अनुमानित खर्च सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक (लागत 17 करोड़), सिंथेटिक हॉकी टर्फ (8.36 करोड़) व खेल परिसर की स्ट्रीट लाइट, वाटर कूलर, हाईमास्ट लाइट, एयर कंडीशन की मरम्मत के लिए 8.81 करोड़ रुपये पीडब्ल्यूडी में विचाराधीन है।
इसके लिए जल्द ही कार्य शुरू होगा। स्टेडियम के रखरखाव व कंस्ट्रक्शन के लिए 2.21 करोड़ रुपये रोहतक को दिए हैं। खेल मंत्री ने वर्ष 2019 से 25 तक स्टेडियम के खर्च का ब्योरा देते हुए कहा कि वर्ष 2022 तक यह स्टेडियम एचएसवीपी के पास था। इसके बाद यह खेल विभाग के पास आया है।
एचएसवीपी ने 2019 से 22 तक ढाई करोड़ रुपये स्टेडियम के लिए आवंटित किए थे। खेल विभाग ने 22 से 25 तक 99 लाख रुपये स्टेडियम पर खर्च किए हैं। उन्होंने स्टेडियम में चल रहे भारत सरकार के सबसे बड़े एक्सीलेंस सेंटर का भी उल्लेख किया।