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Rohtak News: महंगाई के दौर में महिलाओं ने अनावश्यक खर्च बंद कर संतुलन बनाने पर दिया जोर

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40-रोहतक के सुभाष नगर स्थित शिव शक्ति साहित्य सदन में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजि
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रोहतक। महंगाई की मार से निपटने के लिए महिलाओं को अपने खर्चों पर लगाम कसनी होगी। अनावश्यक खर्च को बंद करना चाहिए। ये बातें सोमवार को सुभाष नगर स्थित शिव शक्ति साहित्य सदन में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में सामने आईं।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से हुए कार्यक्रम में अनेक संगठनों की महिलाओं ने महंगाई और चुनौती विषय पर खुलकर चर्चा की। शिव शक्ति साहित्य सदन की संस्थापक डॉ. अर्चना कोचर ने कहा कि ने कहा कि मौजूदा दौर में काम-काज और खरीदारी के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है।
गैरजरूरी खर्चों में फर्क समझना होगा। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार और मध्यम वर्ग के परिवार को महंगाई का असर होगा लेकिन ऊंचे घरानों पर इसका असर नहीं होगा।
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अक्सर महिलाओं का स्वास्थ्य परिवार की प्राथमिकताओं में पीछे रह जाता है और बढ़ती लागत के कारण यह चुनौती और भी बढ़ जाती है। ऐसे समय में स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए कुछ आवश्यक कदम बेहद महत्वपूर्ण हैं। स्थानीय रूप से उगाई गई व मौसमी सब्जियों का सेवन बढ़ाना चाहिए। -डॉ. आरती साहू, गायनेकोलॉजिस्ट।
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महंगाई के दौरान में वेस्टेज को कम करना चाहिए। सीजनल फल-फ्रूट का सेवन या किचन गार्डनिंग करनी चाहिए। ऑनलाइन शॉपिंग और ब्रांडेड सामान के पीछे भागने की बजाय जरूरत की चीजें ही खरीदें। -डॉ. तरुणा सचदेवा, प्रधान, नीमा मेडिकल एसोसिएशन।

वास्तव में महंगाई को लेकर हर वर्ग परेशान है। महिलाओं पर इसका असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में युद्ध स्थिति में सरकार को अपनी नीतियां बनानी चाहिए। महंगाई की आड़ में लूटने वाले दुकानदारों की निगरानी करनी चाहिए। - डॉ. जगमती सांगवान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति।
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अनावश्यक खर्च पर रोक लगानी चाहिए। 90 प्रतिशत से अधिक दुकानें महिलाओं के सामान की होती हैं। महिलाओं को अपने खर्च का प्रबंधन करना चाहिए। निवेश पर ध्यान देना चाहिए। -ममता शर्मा, प्रधान, स्त्री शक्ति संगठन।

अगर हमारे अंदर सकारात्मकता होगी तो हर माहौल के अनुरूप चल सकते हैं। मध्यम वर्ग का खर्च शिक्षा पर होता है। बच्चों को शुरू से ही ऐसे संस्कार दें कि ट्यूशन व अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता न पड़े। -एकता कोचर, गृहिणी एवं लेखिका।


महंगाई बढ़ी है और बढ़ती भी रहेगी। महंगाई को एडजेस्ट करना आना चाहिए। खुद से प्रबंधन करना चाहिए। झाडू-पोछा हम कर सकते हैं तो काम वाले की जरूरत ही नहीं। सरकार को भी कदम बढ़ाने चाहिए। -सरोज मलिक, ऑल इंडिया प्लेयर एवं एआईडीडब्ल्यूए सदस्य।

पेट्रोल-डीजल के दाम खर्च बढ़ा रहे हैं। ऐसे में लोगों को सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करना चाहिए। दूध की बजाय कोल्ड-ड्रिंक, एक समय खाने की बजाय पिज्जा का सेवन कर रहे हैं। इससे रोका जा सकता है। -चेतना अरोड़ा, अधिवक्ता।

आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। सरकार को निजीकरण को खत्म करना चाहिए। महंगाई के दौर लोगों को दूसरे के काम आना चाहिए। सरकार को सब्जियों व दाल-चीनी के भी रेट बनाने चाहिए। -सबिता मलिक, जनवादी महिला समिति
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