दूध उत्पादन में प्रदेश अभी पंजाब और गुजरात से पीछे है। प्रति व्यक्ति एक
लीटर दूध भी हमारे हिस्से नहीं आता। यह ‘देशां म्ह देश हरियाणा-जित दूध
दही का खाणा’ वाली कहावत को झुठला रहा है।
अब आलम यह है कि मेहमान को सुबह
मुंह धोने के लिए तो बड़ा गिलास दिया जाता है लेकिन रात को दूध छोटे से
गिलास में दिया जाता है। हरियाणा में तो बुजुर्ग भी एक लीटर दूध पीकर सोता
है।
अब पशु चिकित्सकों के सहयोग से दिन सुधरेंगे। पशु चिकित्सक ग्रामीणों
को जागरूक कर देसी गाय को घर-घर बंधवाएंगे। यह बात प्रदेश के कृषि एवं
पशुपालन मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कही।
वे रविवार को एमडीयू के राधाकृष्णन
सभागार में हुए पशु चिकित्सक परिषद के पहले स्थापना दिवस समारोह में बतौर
मुख्यातिथि शिरकत करने पहुंचे।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार योजना बनाती
है, लेकिन उसे कामयाब अधिकारी और जनता करती है। आज संकल्प लें कि
ग्रामीणों को गाय की देसी नस्लों के फायदों की संपूर्ण जानकारी देकर उन्हें
प्रोत्साहित करेंगे और हरियाणा के हर घर में देसी गाय बंधवाएंगे।
नववर्ष की प्राथमिकताएं गिनाईं
धनखड़
ने कहा कि नववर्ष में सरकार कई नई योजनाएं लाएगी और पुरानी योजनाओं को
अमलीजामा पहनाया जाएगा। नववर्ष में स्वर्ण जयंती विकास फंड शुरू करने की
योजना है, ताकि हर गांव में सरकार की ओर से कुछ न कुछ फंड दिया जाए। हर
जिले में बागवानी से संबंधित एक उत्कृष्टता केंद्र खोला जाएगा।
गन्नौर की
अंतरराष्ट्रीय मंडी को शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही गुड़गांव में फूलों की
मंडी शुरू करवाने पर विशेष बल रहेगा। फसलों की बीमा योजना भी अगले साल से
शुरू होगी और हर जिले में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे ताकि हर खेत को
पानी मिल सके।
पशु चिकित्सक परिषद की मांगों को हरी झंडी
कृषि
मंत्री ने कार्यक्रम में पशु चिकित्सक परिषद के समर्थन में उनकी मांगों को
हरी झंडी दिखा दी है। उन्होेंने प्रदेश भर में कार्य स्थलों पर ए क्लास
शौचालय, पशु चिकित्सकों को पक्का करने, पे-स्केल, पद नाम बदले जाने जैसी
मांगों को स्वीकृति प्रदान की है। मंत्री ने कहा कि जब अधिकारियों की तरफ
से हरी झंडी है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।