रोहतक। भाजपा ने एससी मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामअवतार वाल्मीकि को मेयर का टिकट दिया है। वह कलानौर से तीन बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। यहां से नगर निगम में 85 हजार के करीब वोट माने जा रहे हैं। संगठन में पकड़, अनुभव और जातिगत समीकरण साधने के लिए पार्टी ने करोड़पति रामअवतार को मैदान में उतारा है।
रामअवतार महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की सुरक्षा शाखा में क्लर्क की नौकरी करते थे। नौकरी से एक साल की अवैतनिक अवकाश लेकर 2009 में भाजपा के टिकट पर कलानौर हलके से पहला चुनाव लड़ा, लेकिन 11 हजार के करीब वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे। 2014 में फिर रामअवतार को दूसरी बार भाजपा ने कलानौर से टिकट दिया। इस बार रामअवतार ने कांग्रेस की शकुंतला खटक को कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन जीत नहीं सके। वह 2019 में तीसरी बार फिर खटक से मात खा गए थे। हार की हैट्रिक के बाद रामअवतार ने रोहतक की राजनीति छोड़ दी और अंबाला चले गए। वह साढ़ौरा हलके से विधानसभा का टिकट मांग रहे थे, लेकिन कामयाब नहीं हुए। अब भाजपा ने उन्हें रोहतक नगर निगम चुनाव में मेयर का टिकट दिया है।
जातिगत समीकरण साधने की तैयारी, कलानौर हलके की 85 हजार वोट निगम में
नगर निगम में 3 लाख 19 हजार के करीब वोट हैं। इसमें 2 लाख के करीब वोट रोहतक, 85 हजार के करीब वोट कलानौर व 34 हजार के करीब वोट गढ़ी सांपला-किलोई हलके से हैं। पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि रामअवतार ने तीन बार कलानौर हलके से विधानसभा चुनाव लड़ा। कलानौर हलके का जो क्षेत्र निगम में शामिल है, वहां से उसे अच्छे वोट मिलते रहे हैं, साथ ही भाजपा ने यमुनानगर निगम से रामदास समाज से टिकट दिया है, जबकि धानक समाज से रेणू डाबला न केवल पहले मेयर रह चुकी हैं, बल्कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव में कलानौर से टिकट दिया था।
एमडीयू में गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान अनिल मल्होत्रा ने बताया कि रामअवतार ने 2009 में एक साल की छुट्टी लेकर विस चुनाव लड़ा। 2014 से पहले नौकरी से त्यागपत्र देकर विस चुनाव लड़ा। हालांकि, बाद में विस को पत्र देकर फिर से नौकरी पर आ गए। 2016 में भाजपा ने उनको सफाई आयोग का चेयरमैन बना दिया। इसके कारण उन्होंने नौकरी से वीआरएस ले ली।
आखिरी राउंड में पिछड़ गए अमरजीत व बागड़ी
भाजपा से टिकट के दावेदारों में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ओएसडी रहे अमरजीत व पूर्व चेयरमैन ओमप्रकाश बागड़ी को भी दावेदार माना जा रहा था। पैनल में रामअवतार के साथ दोनों का नाम था। राजनीतिक अनुभव व जातिगत समीकरण के चलते अमरजीत दौड़ से बाहर हो गए, जबकि पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के करीब ओमप्रकाश बागड़ी भी जातिगत समीकरण के चलते बाहर हो गए।
समर्थकों ने पहले ही मनाना शुरू कर दिया जश्न
शाम 4 बजे जैसे ही भाजपा के मेयर पद के प्रत्याशियों की सूची वायरल हुई, उसमें रामअवतार वाल्मीकि का नाम देखकर समर्थक जश्न मनाने लगे। पाड़ा मोहल्ला में ढोल पर नृत्य किया गया। पार्टी कार्यालय में नेताओं ने उनको बधाई देना शुरू कर दिया। रात को फाइनल सूची में भी उनका नाम आ गया।
कांग्रेस किलोई पर लगा सकती है दांव, आज सूची आने की संभावना
अब कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी का इंतजार किया जा रहा है। रोहतक कांग्रेस का गढ़ रहा है। न केवल सांसद, बल्कि चारों हलकों रोहतक शहर, कलानौर, महम व गढ़ी सांपला-किलोई में कांग्रेस के विधायक हैं। भाजपा ने वाल्मीकि समुदाय के रामअवतार को मैदान में उतारा है। अब पार्टी रविदास समाज से पूर्व पार्षद सूरजमल किलोई को टिकट दे सकती है। बलजीत राणा को भी टिकट का दावेदार माना जा रहा है। शनिवार को पार्टी सूची जारी कर सकती है, क्योंकि नामांकन के लिए शनिवार व सोमवार का दिन ही बचा है।
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छह साल पहले उनके पास था 270 ग्राम सोना
रामअवतार वाल्मीकि ने 2009, 2014 व 2019 में विधानसभा चुनाव लड़ा। आखिरी चुनाव में दिए शपथ पत्र में रामअवतार ने बताया कि उनके पास करीब तीन करोड़ 21 लाख के करीब की संपत्ति है। उसमें 270 ग्राम सोना भी था। उस समय सोने की कीमत 8 लाख 10 हजार रुपये थे। इसके अलावा हिसार रोड, शास्त्री नगर में प्लाॅट व गांव बहु अकबरपुर में मकान था। उनके पास 2019 में वाहन भी नहीं था।