रोहतक। समत्व का नाम योग है। गायत्री मंत्र के जप से साधक दुःखों से तर जाता है। जीवन में व्रत होना चाहिए। आस्तिक व्यक्ति पापों से दूर रहता है। यह बातें आचार्य स्वदेश ने कहीं। वे शुक्रवार को वैदिक भक्ति साधन आश्रम में आयोजित यजुर्वेद ब्रह्म पारायण यज्ञ के दूसरे भक्तों को प्रवचन दे रहे थे। कन्या गुरुकुल की साध्वी ने सस्वर वेद पाठ किया। यज्ञ पुरोहित आचार्य शक्तिदेव ने कहा कि सृष्टि के आरंभ में प्राणी मात्र के कल्याण के लिए ऋषियों के हृदय मंदिर में जिस ज्ञान ज्योति का प्रकाश हुआ। इसी ईश्वरीय ज्ञान को वेद कहते हैं। मंच संचालन मंत्री जितेंद्र मेहता ने किया। उन्होंने बताया कि पूर्णाहुति 16 फरवरी को होगी। इस मौके पर उपप्रधान केशव आर्य, धर्मदेव खुराना, संदीप काहनी, बलराज खुराना, कोषाध्यक्ष यशपाल भाटिया, समीर सागर, अंकुर अरोड़ा उपस्थित रहे।