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डोप टेस्ट में फंसे एथलीट धर्मबीर, मां-बाप बोले, सब कुछ दांव पर लगाकर पहुंचाया बेटे को मुकाम पर

Thu, 04 Aug 2016 02:21 AM IST
प्रीत निंदाना/ अमर उजाला ब्यूरो
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अगर बेटे ने गलत किया है तो भुगतेगा, लेकिन धर्मबीर ऐसा नहीं कर सकता, साजिश का शिकार बनाया जा रहा है - फोटो : amar ujala
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ओलंपिक में 200 मीटर दौड़ में देश को 36 साल बाद टिकट दिलाने वाले अजायब गांव के धर्मबीर के डोप टेस्ट में फंसने की खबरों से पूरा परिवार सकते में है। धर्मबीर के ब्लड सैंपल पॉजिटिव पाए जाने की बात परिजनों के गले नहंी उतर रही है। परिवार का कहना है कि हमने इस दिन के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया। अब बेटा ऐसे मुकाम पर पहुंचकर चूक नहीं कर सकता। धर्मबीर को साजिश का शिकार बनाया जा रहा है।
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धर्मबीर के पिता पूर्व सैनिक श्रद्धानंद और माता सुनहरी देवी का साफ तौर पर कहना है कि उनका बेटा इतनी बड़ी चूक  नहीं कर सकता। यदि ऐसा किया गया है तो यह उनके लिए भारी क्षति है। श्रद्धानंद ने कहा कि जो अपने लक्ष्य के लिए सब कुछ दांव पर लगा दे, भला वो अपने मुकाम के नजदीक पहुंचकर ऐसा कैसे कर सकता है। खिलाड़ी ने अपना मुकाम हासिल करने के लिए किसी रिश्ते नाते की परवाह नहीं की। ट्रैक के अलावा उसे दूसरी किसी चीज से प्यार नहीं है। धर्मबीर को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए उन्होंने अपनी पूरी जमा पूंजी और खेती बाड़ी की कमाई को लगा दिया। कभी भी घर की जिम्मेदारी उन पर नहीं डाली। बावजूद इसके ऐसा हुआ है तो बेहद शर्मनाक है। परिजनों का कहना है कि अब हमारे पास ताकत और पैसा नहीं बचा है कि हम भी नरसिंह यादव की तरह लंबी लड़ाई लड़ सकें। कोई अनहोनी हुई तो हम पूरी तरह से टूट जाएंगे। देश की खेल व्यवस्था पर पर सवाल उठाते हुए श्रद्धानंद कहते हैं कि यह तो सदियों से होता आया है कि करे कोई और भरे कोई। मेरे बेटे के साथ भी ऐसा ही कुछ हो सकता है। उन्हें कई बार हतोत्साहित करने का प्रयास किया गया। उन्हें स्पर्धा में पिछड़ाने के लिए साजिश की गई है। जब नेशनल स्तरीय स्पर्धा में छल किया जा सकता है तो यह तो ओलंपिक है। परिजनों को उम्मीद है कि धर्मबीर पाक साफ निकलेगा और सपना पूरा करेगा।
पत्नी को मिली मायके से सूचना

धर्मबीर की पत्नी अंजू बताती हैं कि उन्हें डोप मामले की खबर अलसुबह उनके पिता से मिली। लेकिन उन्हें अपने पति पर पूरा विश्वास है। वे कुछ भी गलत नहीं कर सकते। अंजू ने बताया कि धर्मबीर इस कदर मेहनत कर रहे हैं कि वे अपने तीन माह के बेटे को देखने घर तक नहंी आए हैं। परिवार उनकी सफलता की दुआ कर रहा है।
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10 दिन से नहीं हुई घर पर बात

परिजनों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि धर्मबीर कहां है। 10 दिन से किसी भी परिजन की धर्मबीर से फोन पर बात नहीं हुई है।
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