जिला परिषद चेयरमैन बलराज कुंडू के साथ नाडा के डीजी से की मुलाकात
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ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के बाद डोप में फंसे धावक धर्मबीर बृहस्पतिवार को नाडा पहुंच गए। जिला परिषद के चेयरमैन बलराज कुंडू के साथ उन्होंने नाडा के डीजी से मुलाकात कर अपील पर जल्द सुनवाई की मांग रखी। अपील को मान भी लिया गया है। अब धर्मबीर कमेटी के सामने शुक्रवार को पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे।
इसके बाद ही उनके रियो जाने पर फैसला हो सकेगा। बता दें कि 200 मीटर रेस में भारत को 36 साल बाद ओलंपिक का टिकट दिलाने वाले धर्मबीर रोहतक के अजायब गांव के रहने वाले हैं। डोप में फंसने के बाद उनको बड़ा झटका लगा था। धर्मबीर ने नाडा में 1 अगस्त को अपने खिलाफ साजिश होने की बात कहते हुए अपील की। इस पर सुनवाई के लिए उन्हें 28 अगस्त का समय दिया गया। इस तरह धर्मबीर की ओलंपिक में खेलने की उम्मीद पूरी तरह से खत्म हो जाती। लेकिन इस मामले में कुंडू ने हस्तक्षेप किया और वे बुधवार को धर्मबीर को लेकर भाजपा के हरियाणा प्रदेश प्रभारी अनिल जैन व महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मिले थे। उन्होंने इस मामले में केंद्रीय खेल मंत्री विजय गोयल व नाडा के डीजी नवीन अग्रवाल से सिफारिश की। ध्यान रहे कि धर्मबीर 13 अगस्त तक ही ओलंपिक जा सकते हैं। इसको देखते हुए धर्मबीर के डोप मामले में शुक्रवार को 12 बजे सुनवाई होगी और वह कमेटी के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेंगे।
राजनीति व भेदभाव का शिकार हुआ धर्मबीर: कुंडू
जिला परिषद के चेयरमैन बलराज कुंडू ने आरोप लगाया कि धर्मबीर सिंह एथलेटिक्स फेडरेशन की राजनीति व भेदभाव का शिकार हुआ है। क्योंकि फेडरेशन में राजनीति बहुत ज्यादा हो रही है और वह अपने खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए धर्मबीर के साथ साजिश रचकर उसे डोपिंग में फंसवाया गया है।