महम के गांव घरौठी निवासी एक फौजी के तीन लाख रुपये चोरी करने की कोशिश दादी-पोते पर भारी पड़ गई। बैंक से निकाले गए पैसे बच जाने के बाद फौजी ने घटना को गंभीरता से लेते हुए दोनों को पकड़वाने की ठानी। अगले दिन फौजी दोनों की तलाश करता रहा। फौजी ने रेलवे स्टेशन पर दोनों को पकड़ कर पुलिस को सूचना दी।
थाना शहर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर रविवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने महिला को सुनारिया जेल और पोते को हिसार स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया। फौज में सूबेदार के पद पर तैनात घरौठी निवासी भरत सिंह शुक्रवार दोपहर को कच्चा बेरी रोड स्थित एसबीआई की शाखा से तीन लाख रुपये निकाले।
पैसे बाइक पर एक बैग में रख दिया। बैंक से ही एक वृद्ध महिला अपने पोते के साथ उसके पीछे निकल ली। भरत सिंह बैंक से कुछ दूर एक रेहड़ी के पास बाइक रोककर सामान खरीदने लगा। इस दौरान उस महिला ने अपनी साड़ी से फौजी और बैग के बीच परदा कर दिया और उसका पोते ने ब्लेड से बैग में कट लगा दी।
सूबेदार भरत सिंह की निगाह उस पर पड़ गई और जोर से बोलते हुए उनकी ओर जाने लगा। यह देख दादी-पोता वहां से फरार हो गए। भरत सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। लेकिन घटना को गंभीरता से लेते हुए सूबेदार ने शनिवार को आरोपियों की तलाश शुरू की। शनिवार दोपहर को दादी-पोता उन्हें स्टेशन पर ही मिल गए। सूबेदार ने दोनों को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
मामले के जांच अधिकारी एसआई रामफल ने बताया, पकड़े गए आरोपी की पहचान मंगती देवी निवासी नरसिंहगढ़, जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। उसके साथ चोरी की कोशिश करने वाले उसके 10 वर्षीय पोते को भी पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत ने मंगती देवी को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल और उसके पोते को हिसार स्थित बाल सुधारगृह भेज दिया गया है।