रोहतक रेंज के नए आईजी आलोक राय ने जिला पुलिस में सुधार शुरू कर दिया है। विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए आईजी ने सीआईए प्रभारी समेत आठ पुलिस कर्मचारियों का पानीपत पुलिस लाइन में तबादला कर दिया है। तबादला आदेशों में आईजी ने यह भी लिखा है कि इन पुलिसकर्मियों को बिना उनके कार्यालय की मंजूरी के प्रमुख स्थानों पर नियुक्ति न दी जाए।
आदेशों में दिखी सख्ती से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। महकमे में चर्चा है कि सीआईटी-2 में एक टैंकर लूट मामले में करीब आठ-नौ लाख रुपये का खेल हुआ है। रुपयों की बंदरबांट में किसी पुलिस कर्मचारी ने इस खेल का खुलासा किया और गाज गिरनी शुरू हो गई। वहीं आईजी ने इसे विभाग की रूटीन प्रक्रिया बताया है। कहा है क्राइम कंट्रोल करने को लेकर तबादले किए गए हैं।
इनका हुआ तबादला : सीआईए-2 प्रभारी अनिल कुमार, एसआई सोमबीर व एएसआई तेजबीर, थाना अर्बन एस्टेट से एएसआई रविंद्र, सीआईए-3 से एसआई संदीप, पुलिस लाइन से एसआई ऋषि, सीआईए-1 से कांस्टेबल रामबीर और जगजीत शामिल हैं। इन्हें तुरंत प्रभाव से चार्ज छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि अभी और कई पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को इधर-उधर करने की तैयारी है।
ये है चर्चा : महकमे में चर्चा है कि करीब दो महीने पहले एक टैंकर लूट की योजना बनाने के मामले में कुछ युवकों को काबू किया गया। यहां पर तेल का टैंकर भी मंगवा लिया। जब टैंकर मालिक से तेल को लेकर कागजात मांगे तो खुलासा हुआ कि तेल भी दो नंबर में कहीं जा रहा था।
इसी मामले में कुछ पुलिसकर्मियों ने करीब आठ-नौ लाख रुपये का लेन देन करके मामले का निपटारा कर दिया। लेकिन मामले पर पर्दा ज्यादा दिन तक नहीं रह पाया। सूत्रों का कहना है कि कुछ कर्मचारियों का पैसे के बंटवारे को लेकर आपस में झगड़ा भी हो गया, जिस कारण पूरा मामला आईजी दरबार तक पहुंच गया। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि तबादला किए गए तीन पुलिस कर्मचारी के बदमाशों से संपर्क भी हैं।
एक कर्मचारी ऐसा भी है जिस पर विभाग की सूचनाएं लीक करने का आरोप है। यह भी मामला सामने आया कि एक छोटे पद पर कार्यरत पुलिसकर्मी चंद दिनों में ही करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया। पुलिस महकमे में चर्चा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों की आईजी कार्यालय की ओर सूची भी तैयार की जा रही है। इन पर भी जल्द ही कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
सीआईए-2 पर पहले भी गिर चुकी है गाज : निवर्तमान आईजी अनिल राव ने कई माह पहले एक मामले को लेकर सीआईए-2 पर जांच की गाज डाली थी। जिसके चलते सीआईए के प्रभारी समेत कुछ पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया था। जिसकी जांच अभी भी स्थानीय डीएसपी के पास चल रही है। मामला जुआ खेलते पकड़े गए आरोपियों से लाखों रुपये लेकर छोड़ने का था।