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भैणी भैरो के छोरे रांगी ने वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में जीता सिल्वर

Sun, 11 Oct 2015 01:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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भैणी भैरो के छोरे धीरज रांगी ने दक्षिण कोरिया के मुंगयेओंग में चल रहे वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में सिल्वर मेडल जीता। 20 वर्षीय रांगी ने 60 किलो लाइटवेट के फाइनल में अल्जीरिया के याहिया अब्देल्ली से हार गए। याहिया ने रांगी को 3-0 से पराजित किया। इससे रांगी का स्वर्ण जीतने का सपना टूट गया। हालांकि रजत पदक जीतने से उसके गांव में देर रात तक खुशियों को माहौल रहा। भारत ने गेम्स में एक रजत और तीन कांस्य समेत कुल चार पदक जीते। भारत को ये चारों पदक मुक्केबाजी से आए।
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रांगी ने फाइनल की अपनी राह में तंजानिया, कैमरून, जर्मनी और कजाखस्तान के बॉक्सरों को हराया। हालांकि वह स्वर्ण पदक से चूक गए। रजत पदक जीतने के बाद रांगी ने कहा, ‘मैं इस प्रतियोगिता में वास्तव में लय में था। पहले तीन राउंड में मैंने निर्विरोध जीत दर्ज की और इससे मेरा आत्मविश्वास भी बढ़ा। यहां तक कि अल्जीरियाई मुक्केबाज के खिलाफ भी मेरा मनोबल ऊंचा था लेकिन, हाथ में चोट से मेरी रिदम टूट गई। इसका मुझे नुकसान उठाना पड़ा और मुझे रजत पदक से संतोष करना पड़ा।’ हरियाणा के रहने वाले रांगी पुणे के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीच्यूट में ट्रेनिंग करते हैं और पिछले दो साल से जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स एक्सेलेंस प्रोग्राम (एसईपी) का हिस्सा हैं।

दो भाई दोनों आर्मी में
धीरज का छोटा भाई नीरज रांगी मराठा रेजीमेंट में है। वहीं मां सुनीता हाउस वाइफ और पिता जगदीश किसान हैं। गांव से ही पढ़ाई के बाद उसने आर्मी ज्वॉइन कर ली। उसकी जीत के साथ गांव में देर रात खुशियों का माहौल रहा। स्वागत के लिए  रात में ही गांव की गलियों में होर्डिंग्स और बैनर लगा दिए गए। वहीं इस मौके पर चाचा रोहताश पहलवान, पंकज, नीरज, पप्पू भैणी भैरो, ब्लॉक चेयरमैन सुनील रांगी ने खुशी जाहिर की।
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