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सूखी काढ़ दी तीज, इब दीवाली भी सूखी काढ़ोगे कै म्हारी

Sun, 11 Oct 2015 01:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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सूखी काढ़ दी तीज, इब कै दीवाली भी सूखी काढ़ोगे कै म्हारी।
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सात-सात महीने का वेतन रोके बैठे हो। आंगनबाड़ी केंद्र का किराया तक नहीं दिया।

चूल्हे-चौके का खर्च भी देना बंद कर दिया। घर में बालक भूखे बैठे हैं, कित तै रोटी ल्यावा उनके खातर। सरकार ने तो म्हारती खुद ए सड़क पे बैठन खातर मजबूर कर दिया है।

इन तेवरों के साथ आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर शनिवार को प्रदर्शन करते हुए वित्तमंत्री का आवास घेरने पहुंचीं। सेक्टर-14 के पास जब पुलिस बल ने बैरिकेड्स लगाकर इनको रोकने का प्रयास किया तो बीच रास्ते में ही वर्कर लेट कर विरोध जताने लगीं। इस बीच जाम की स्थिति बन गई।
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करीब दो घंटे तक हु़ए इस हंगामे के बाद वित्तमंत्री के पीए रामनिवास शर्मा ने मौके पर पहुंचकर ज्ञापन लेते हुए उनकी मांगों को वित्तमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खुल सका।
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दोपहर 1 बजे, सेक्टर-1 के ताऊ देवी लाल पार्क में आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर एकजुट हुईं। आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्परस यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष छोटा बाई के नेतृत्व में रोहतक और झज्जर की करीब 400 से ज्यादा वर्कर और हेल्पर ने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु का आवास घेरने की रणनीति बनाई। एमडीयू के गेट नंबर-2 से निकलते ही करीब 1:28 बजे सेक्टर 14 पर पहले ही बैरिकेड्स लगाकर पुलिस बल सहित महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इससे नाराज होकर कुछ आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर सड़क पर ही बैठ गई और कुछ लेट गईं। विरोध प्रदर्शन के चलते शहर से दिल्ली रोड जाने वाला सारा ट्रैफिक प्रभावित हो गया। मिौके पर तैनात डीएसपी पुष्पा खत्री, महिला पुलिस थाना एसएचओ गरिमा और डीएसपी अमित भाटिया जब उन्हें मनाने पहुंचे तो वर्कर उनसे ही उलझ गईं। आंगनबाड़ी वर्करों ने कहा कि घाम में खड़ी होण खातर ही पुलिस में नौकरी ली थी क्या? अपनी बहना का साथ दो और हमें जाने दो। तेज धूप में विरोध जता रही वर्करों की पुलिस और राहगीरों से नोकझोंक के बाद दोपहर 2 बजे वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के पीए रामनिवास शर्मा मौके पर पहुंचकर मांगपत्र वित्तमंत्री को सौंपने का आश्वासन दिया।  इस मौके पर राजबाला जुलाना, रामरती दलाल, संतरो देवी, जगमती मलिक, कमला देवी, राजवंती, सुनीता, सावित्री, विद्या, कमलेश, उर्मिला, कांता देवी, सरोज चहल, मूर्ति देवी मौजूद रहे।

 
ये हैं प्रमुख मांगे
1. सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने तक न्यूनतम वेतन 1500 रुपये दिया जाए।
2. सरकारी कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता लागू किया जाए।
3. पिछले छह माह का बकाया वेतन दिया जाए।
4. भवनों का किराया बाजार भाव से दिया जाए।
5. विभाग का निजीकरण न किया जाए
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