फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीजीआई में हल नहीं हो पा रहा दवा संकट

Wed, 04 Jan 2017 02:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
पीजीअाइ राेहतक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पीजीआई के आपातकालीन विभाग और वार्डों में आधे से अधिक दवाएं नहीं हैं। ओटी से लेकर ओपीडी तक में अधिकतर दवाएं मरीजों को बाहर से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही हैं। संस्थान के अधिकारी हैं कि कागजी कार्रवाई की बात कहकर जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं।
विज्ञापन

आपातकालीन विभाग में पिछले कई दिनों से अति आवश्यक दवाएं नहीं हैं। यहां आने वाले मरीजों को अधिकतर दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। पिछले दिनों कुलपति प्रो. ओपी कालरा ने जब आपात कालीन विभाग का दौरा किया तो उन्हें भी सच्चाई का पता चला। निरीक्षण के बाद कुलपति ने ढाई लाख रुपये दवाओं की खरीद के लिए जारी कर चुके हैं। लेकिन जब तक दवाओं के लिए रूटीन नहीं बनता आए दिन समस्या खड़ी हो जाती है। स्थिति यह है कि वार्डों, आपरेशन थियेटरों में सिरिंज, बीटाडिन, गल्बज जैसी चीजें बाहर से मंगाई जा रही हैं। इमरजेंसी के आपरेशन थियेटर में भी आवश्यक चीजें बाहर से मंगाई जा रही हैं।

आक्सीजन और सक्शन प्वाइंट की नहीं होगी कमी

पीजीआईएमएस में दवा संकट की खबर अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद कुलपति ने स्वयं निरीक्षण किया और पाया कि आवश्यक दवाएं नहीं हैं। जबकि उन्हें उनके ही कुछ अधिकारी गुमराह कर रहे थे। इसके बाद से कुलपति लगातार संस्थान का निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों में आक्सीजन और सक्शन प्वाइंट लगाने की बात कही है। जबकि संस्थान के कुछ लोगों ने आक्सीजन और सक्शन प्वाइंट ताबड़ तोड़ लगाए जाने पर सवाल खडे़ करते हुए कहा है कि जब ट्रामा सेंटर बन रहा है तो यहां पैसा क्यों खराब किया जा रहा है।
विज्ञापन


सुपर स्पेशियलिटी सेंटर फिर पहुंचे वीसी

मंगलवार को कुलपति लाला श्याम लाल भवन के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में निरीक्षण करने पहुंचे। नेफ्रोलॉजी विभाग में बेडों की समस्या पर बातचीत की। यूरोलॉजी विभाग के एक्स-रे कक्ष को खाली करवा कर पुस्तकालय और डॉक्टरों का रूम बनाने की बात कही। यूरोलॉजी विभाग ने एमसीआई में एमसीएच की सीटों के लिए आवेदन किया है। वहीं, न्यूरो सर्जरी और न्यूरोलॉजी विभाग के आईसीयू को एक जगह करने की बात कही है, क्योंकि न्यूरोलॉजी के पास आईसीयू नहीं है। जबकि एमसीएच कोर्स के लिए यह अनिवार्य है। न्यूरो सर्जरी विभाग की बेडों की कमी बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग में जगह दे कर पूरा कर दिया गया है। यहां एक बडे़ कमरे में पुस्तकालय, डाक्टरों का कमरा बनाने को कहा है। वहीं कुलपति ने गेस्ट्रोएंट्रालॉजी विभाग का भी निरीक्षण किया।

मरीजों से बात नहीं करते अधिकारी

पीजीआईएमएस में कोई अधिकारी मरीजों का दर्द समझने को तैयार नहीं है। अधिकारी दौरा करते हैं और आपस में बात करके चले जाते हैं। जबकि मरीजों से कोई बात नहीं करता। आपात विभाग में आए अनिल, सचिन, रामलाल ने बताया कि अधिकारी दौरे पर क्या आते हैं, जब मरीजों से पूछते ही नहीं की उन्हें क्या परेशानी है?
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें