रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) ने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देते हुए एक और पेटेंट अपने नाम किया है। विश्वविद्यालय को यह पेटेंट एक विशिष्ट फूड ट्रक डिजाइन के लिए मिला है, जिसे प्रो. आशीष दहिया, साहिल सरन और मंदीप फौगाट ने मिलकर विकसित किया है।
भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क के महानियंत्रक ने इस बौद्धिक संपदा को आधिकारिक तौर पर मान्यता दे दी है।
यह पेटेंट एमडीयू के सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन और एंटरप्रेन्योरशिप (सीआईआईई) में इनक्यूबेट किए गए छात्रों की ओर से संचालित एक महत्वाकांक्षी परियोजना, डैफेटेरिया नामक फूड ट्रक का हिस्सा है। यह पहल स्टार्टअप हरियाणा के व्यापक दृष्टिकोण और विश्वविद्यालय की नवाचार, इनक्यूबेशन और उद्यमिता नीति के अनुरूप है। इस परियोजना का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा के साथ उत्पाद विकास, प्रोटोटाइप परीक्षण और बौद्धिक संपदा निर्माण जैसे कौशल को एकीकृत करना है।
कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने इस उपलब्धि के लिए प्रो. आशीष दहिया, साहिल सरन और मंदीप फौगाट की सराहना की। कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां छात्रों को नवोन्मेषी उद्यम स्थापित करने और अर्थव्यवस्था में सार्थक योगदान देने के लिए आवश्यक उपकरण, मंच और प्रोत्साहन प्रदान करने के विश्वविद्यालय के संकल्प को और मजबूत करती हैं।
16सीटीके11-मंदीप फौगाट।
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