44...एमडीयू में कुलपति व कुलसचिव को ज्ञापन देते शिक्षक। स्रोत : एमडीयू
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के शिक्षकों ने 17 दिसंबर को एक विभागाध्यक्ष की ओर से ई-मेल के माध्यम से विभिन्न बाहरी संस्थाओं एवं मीडिया को भेजी गई शिकायत से जुड़े समाचारों पर गंभीर आपत्ति जताई है। इस विषय को लेकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को विश्वविद्यालय सचिवालय में कुलपति व रजिस्ट्रार से मिला और ज्ञापन सौंपा।
शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनकी समझ के अनुसार यह प्रकरण किसी भी प्रकार से किसी शिक्षक के उत्पीड़न या शोषण से संबंधित नहीं है बल्कि शोधार्थियों से जुड़े मुद्दों व विभागीय शैक्षणिक-प्रशासनिक प्रक्रियाओं का है। इसका समाधान विश्वविद्यालय की स्थापित व्यवस्था के तहत विभाग स्तर पर ही किया जाना चाहिए था।
शिक्षकों ने कहा कि विभागाध्यक्ष होने के नाते संबंधित विषयों का समयबद्ध और जिम्मेदार ढंग से निस्तारण करना संबंधित अधिकारी का दायित्व था। शिक्षकों ने कहा कि उसी विभाग की एक महिला शिक्षक को कथित रूप से बार-बार अनावश्यक मानसिक दबाव और विवादों का सामना करना पड़ा है।
शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिकायत निवारण तंत्र का सहारा लेने के बजाय संबंधित विभागाध्यक्ष की ओर से मामले को बाहरी मंचों पर ले जाकर विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों पर निराधार और व्यापक आरोप लगाए गए जिससे संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचा है।
शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने कुछ माह पूर्व विभाग की एक महिला शिक्षक की ओर से दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के बाद उनके साथ हुए कथित अपमान की भी निंदा की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी दोहराया कि संबंधित विभागाध्यक्ष को प्रशासनिक पत्राचार के माध्यम से पहले ही अवगत करा दिया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप तथ्यहीन और असंगत हैं।