रोहतक। एमडीयू के एमए अर्थशास्त्र अंतिम वर्ष के छात्र ने शुक्रवार शाम को कपास में डालने वाली दवा पीकर जान देने का प्रयास किया। हॉस्टल नहीं मिलने से आहत छात्र शाम करीब पांच बजे विवि के गेट नंबर एक पर धरने पर बैठा था। यहां करीब एक घंटे बाद उसने जहरीली दवा पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालत बिगड़ने पर विद्यार्थियों ने तुरंत पीजीआई पहुंचाया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस संबंध में वार्डन से बात करने का प्रयास किया, मगर देर रात तक संपर्क नहीं हो सका।
हिसार निवासी जॉन एमडीयू से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहा है। वह पिछले वर्ष कैंपस के हिमिगरी हॉस्टल नंबर छह में रहा। इस वर्ष उसे रूम अलॉट होना था। शुक्रवार को विवि की ओर से जारी हॉस्टल की सूची में उसका नाम नहीं था। छात्र का कहना है कि विवि प्रशासन से अपना कमरा न बदल कर वही कमरा देने की अपील भी की थी। इससे सामान शिफ्ट नहीं पड़ता। कमरा देने के बजाय विवि प्रशासन ने दो दिन पहले कमरे का ताला तोड़कर सामान बाहर फेंक दिया। यही नहीं कमरे में 50 हजार रुपये भी थे। यह रकम भी गायब है। कैंपस के विद्यार्थियों ने बताया कि हॉस्टल में जगह न मिलने के कारण गेट नंबर एक पर धरने पर बैठा। प्रशासन को एक घंटे का समय दिया था। इसके बाद भी सुनवाई नहीं होने पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
धरने पर बैठे देख समझाने का किया प्रयास
छात्र आकाश ने बताया कि शुक्रवार सुबह जॉन की किताबें हॉस्टल के बाहर पड़ी मिली थीं। शाम को वह धरने पर बैठा दिखाई दिया। कारण पूछा और समझाने का प्रयास किया। उसे पानी पिलाने के लिए वाटर कूलर की तरफ आया तो उसने हाथ में पकड़ी शीशी से दवा पी ली।
विवि के गेट नंबर एक पर विद्यार्थियों ने दिया धरना
एमए के छात्र का सामान हॉस्टल से निकालने और जहर पीने की घटना से कैंपस के विद्यार्थी नाराज हैं। गुस्साए विद्यार्थी शुक्रवार रात करीब साढ़े सात बजे गेट नंबर एक पर धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि विवि प्रशासन विद्यार्थियों के साथ ज्यादती बरत रहा है। हॉस्टल को लेकर लगातार विद्यार्थियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। नए-नए नियम लागू करने के अलावा विद्यार्थियों को हॉस्टल और उच्च शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है। अब छात्र जॉन को जहर निगलना पड़ा है। विद्यार्थी इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसीलिए धरने पर बैठे हैं।
आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पर दर्ज हो केस
एमडीयू प्रशासन विद्यार्थियों को लगातार परेशान कर रहा है। हॉस्टल आवंटन के नाम पर मनमानी की जा रही है। पिछले दिनों एलएलएम छात्रा को हॉस्टल नहीं दिया। अब एमए के छात्र का सामान बाहर निकाल दिया। इसी से आहत होकर उसने आत्महत्या का कदम उठाया। विवि प्रशासन उसे आत्महत्या के लिए विवश करने वाले के खिलाफ कार्रवाई करे।
-प्रदीप देशवाल, अध्यक्ष, इनसो
वार्डन हो बर्खास्त, तानाशाही का करेंगे विरोध
एमडीयू प्रशासन विद्यार्थियों पर तानाशाही रवैया अपना रहा है। इसका विरोध किया जाएगा। छात्र को जान देने के लिए मजबूर करने वाले वार्डन को बर्खास्त किया जाए। विवि प्रशासन इस मामले में कार्रवाई नहीं करता है तो सभी संगठन मिलकर आंदोलनात्मक कदम उठाएंगे।
-लोकेश उर्फ लोकी, अध्यक्ष, छात्र युवा संघर्ष समिति