हाई वोल्टेज तारों को छूने से व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। इसके अलावा ड्रोन का प्रयोग आपराधिक गतिविधियों में भी किया जा सकता है। ड्रोन के प्रयोग से जानमाल को हानि पहुंच सकती है। ड्रोन का प्रयोग करके घरों व छात्रावासों की गोपनीयता को भंग किया जा सकता है।
इसके अलावा घरों व छात्रावासों की निजी गतिविधियों, आवागमन की फोटो ली जा सकती है। इससे जिला में कानून एवं व्यवस्था की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए ये आदेश जारी किए गए हैं।
बता दे, कि एमडीयू गर्ल्स हास्टल पर पिछले कुछ दिनों से ड्रोन मंडराने की शिकायतें आ रही हैं। हास्टल की छात्राएं लगातार ड्रोन को लेकर शिकायतें कर रही हैं। इस बारे में कुछ वीडियो भी सामने आई हैं। छात्राओं ने 22 अगस्त की रात को ड्रोन दिखाई देने पर कैंपस में प्रदर्शन किया।
हास्टल गेट के बाद कुलपति निवास पर भी प्रदर्शन किया गया। यही नहीं सुनवाई नहीं होने पर विवि के गेट नंबर एक पर छात्राएं सुबह आठ बजे तक बैठी रही। इस मामले को लेकर एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह रेंज के आईजी से मुलाकात कर चुके हैं। आईजी ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।