फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमडीयू कैंपस में दिनदहाड़े वारदात, कार में सवार होकर आए बाहरी युवकों की दादागिरी

Sat, 22 Aug 2015 02:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
एमडीयू कैंपस में छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन


शुक्रवार को 3 गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे 15 छात्रों ने दो एमबीए छात्रों पर हमला कर दिया।

हमलावरों ने छात्रों को गोली मारने की भी कोशिश की, लेकिन इससे पहले ही कैंपस में बैठे अन्य छात्रों ने दो हमलावरों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की छात्राें ने जमकर धुनाई कर दी, जबकि बाकी हमलावर फरार हो गए।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। छात्रों का कहना है कि हमलावर यूनिवर्सिटी में आकर अक्सर छात्राओं पर टिप्पणी करते थे।

हमने इन युवकों को रोक दिया था। उसी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया गया है। दोनों युवकों की तलाश में हमलावर बृहस्पतिवार को भी कैंपस में घूम रहे थे, लेकिन किसी कारण वे हमला नहीं कर सके। बताया जा रहा है कि हमलावर कनहेली गांव के रहने वाले हैं।
विज्ञापन

वारदात शुक्रवार दोपहर बाद 3 बजे की है। एमबीए छात्र प्रदीप शर्मा और मनजीत देशवाल क्लॉस से बाहर आ रहे थे। इसी दौरान लॉ डिपार्टमेंट के सामने स्कार्पियो, सेंट्रो और आल्टो कार में सवार होकर करीब 15 युवक पहुंचे और दोनों छात्रों पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने घायल छात्रों को गोली मारने के लिए कार से हथियार निकाला। इसी बीच कैंपस में बैठे अन्य छात्रों ने शोर मचा दिया और हमलावरों की तरफ दौड़ पड़े। खुद को घिरता देख कुछ हमलावर दो गाड़ियों में सवार होकर भाग निकले, जबकि उनके दो साथियों को छात्रों ने पकड़ लिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया। एमडीयू सिक्योरिटी और पुलिस भी मौके पर पहुंची और आरोपियों को हिरासत में ले लिया। हमले से गुस्साए छात्र रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स के कार्यालय भी पहुंचे। कहा, यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी सिस्टम खत्म हो गया है। इसी कारण बाहरी युवक यूनिवर्सिटी में आकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पीजीआई एसएचओ कुलदीप का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। हमलावरों की एक कार को भी कब्जे में लिया गया है।
फिर हुई सुरक्षा में चूक  
सुरक्षा के नाम पर एमडीयू के मेन गेट से लेकर हर विभाग में सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए गए हैं। केन्याई छात्र के साथ हुई घटना के बाद तर्क दिया गया था कि रात के समय घटना हुई है, इस कारण हमलावरों को नहीं पकड़ सके, लेकिन शुक्रवार को हुई घटना को तो दिनदहाड़े अंजाम दिया गया। इसके बाद भी बाकी हमलावर भागने में कामयाब कैसे रहे? इसका जवाब एमडीयू प्रशासन के पास भी नहीं है। होटल मैनेजमेंट के प्रोफेसर के साथ हुई गोली मारने की वारदात के बाद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन और सिक्योरिटी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
देर शाम तक चलती रही चेकिंग
वारदात के बाद एमडीयू प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर देर शाम तक गेट नंबर दो पर चेकिंग की। आने-जाने वाले वाहनों के नंबर नोट किए गए हैं और किसी भी संदिग्ध वाहन को अंदर नहीं जाने दिया गया। रजिस्ट्रार डॉ. एसपी वत्स और पीजीआई एसएचओ कुलदीप ने मौके पर खड़े होकर चेकिंग कराई।
सिक्योरिटी पर गिर सकती है गाज
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शनिवार को सिक्योरिटी कमेटी की बैठक बुलाई है। देखा जाएगा कि घटना के वक्त मेन गेट से लेकर कैंपस में कहां-कहां किसकी ड्यूटी थी और सिक्योरिटी होते हुए भी बाहरी युवक कैंपस में कैसे घुसे। माना जा रहा है कि बैठक में किसी न किसी कर्मचारी पर गाज गिर सकती है।
विज्ञापन


वर्जन  
घटना को लेकर पुलिस को शिकायत दे दी गई है कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी स्तर पर भी लापरवाही बरतने वाले सिक्योरिटी के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
- डॉ. एसपी वत्स, रजिस्ट्रार एमडीयू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें