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आंसर कॉपी में बदल दिए बीच के पन्ने, मेहनती फेल और ‘मुन्नाभाई’ पास

Sun, 05 Mar 2017 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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एमडीयू - फोटो : file photo
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कभी आंसर कापी के बंडल गायब होने तो कभी फर्जी तरीके से नंबर बढ़वाने के लिए चर्चा में रहने वाली एमडीयू अब नए गोलमाल में फंस गई है। बीटेक के एक छात्र ने दूसरे छात्र की आंसर कॉपी से पन्ने निकालकर अपनी कॉपी में लगा दिए। ऐसे में आरोपी छात्र तो पास हो गया लेकिन पूरे साल मेहनत कर परीक्षा देने वाला छात्र फेल हो गया। पीड़ित छात्र ने जब एमडीयू के सिक्रेसी ब्रांच से अपनी आंसर कॉपी निकलवाई तो गोलमाल का खुलासा हुआ। इस मामले में सिक्रेसी ब्रांच के डिप्टी रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार दहिया ने एसपी को शिकायत दी। पीजीआई थाना पुलिस ने कबूलपुर निवासी आरोपी बीटेक छात्र सचिन के खिलाफ केस दर्ज किया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
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 दरअसल, झज्जर स्थित फतेहपुरी के सीबीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस से राहुल तिवारी नाम का छात्र बीटेक कर रहा है। राहुल ने मई 2016 में बीटेक छठे सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। लेकिन जब परिणाम आया तो राहुल फेल हो गया। राहुल ने आरटीआई के तहत अपनी उत्तरपुस्तिका निकलवाई तो उसके होश उड़ गए। उसकी उत्तरपुस्तिका के बीच के पेज किसी ने बदल रखे थे। सिर्फ आगे और पीछे का पेज ही राहुल की कॉपी के थे। बाद में खुलासा हुआ कि उसके सहपाठी सचिन ने उत्तर पुस्तिका के पेज बदले हैं। सिक्रेसी ब्रांच के डिप्टी रजिस्ट्रार कृष्ण कुमार दहिया की शिकायत पर पीजीआई थाने में कबूलपुर निवासी आरोपी छात्र सचिन के  खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूरे स्कैंडल को योजना के तहत अंजाम दिया गया। इसमें सचिन के अलावा विवि के कुछ अधिकारी और छात्र भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्र की कॉपी परीक्षा केंद्र पर बदली गई या एमडीयू के सिक्रेसी ब्रांच में।

जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद खुलासा  

फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद राहुल ने मामले की शिकायत विवि प्रशासन से की। इस पर वीसी ने मामले की तह तक जाने के लिए जांच कमेटी का गठन किया। कमेटी ने कुछ दिन जांच करने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपी छात्र सचिन ने परिणाम में लाभ लेने के लिए राहुल की उत्तरपुस्तिका के बीच के पेज बदल दिए थे। सचिन ने भी राहुल के साथ ही बीटेक के छठे सेमेस्टर की परीक्षा दी थी, दोनों सहपाठी हैं।
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पेज बदले तो आरोपी सचिन पास और राहुल फेल

पेज बदलने के बाद जब परीक्षा का परिणाम आया तो इसमें राहुल फेल हो गया जबकि उसकी उत्तर पुस्तिका के पेज अपनी कापी में लगाकर सचिन पास हो गया। इतना ही नहीं, खुद को सही साबित करने के लिए राहुल को ही भागदौड़ करनी पड़ी। उसने पहले ही शक जताया था कि आरोपी सचिन ने ही गड़बड़ी करवाई है, हालांकि कमेटी की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई हुई।

अब सचिन से पूछताछ कर सरगना तक पहुंचेगी पुलिस  

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जल्द ही आरोपी सचिन को गिरफ्तार करेगी, ताकि उसके अन्य साथियों और साजिश रचने वाले तक पहुंचा जा सके। अभी तक न तो विश्वविद्यालय के अधिकारियों को स्कैंडल करने वाले के बारे में भनक लगी है और न ही पुलिस को। मामले में पीजीआई थाना प्रभारी मंजीत ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी।
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