एमडीयू के परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यूनिवर्सिटी ने डिस्टेंस परीक्षार्थियों को वेबसाइट पर एडमिट कार्ड जारी कर उन्हें वैश्य कॉलेज बतौर परीक्षा केंद्र अलॉट कर दिया, लेकिन संबंधित कॉलेज को इसकी सूचना देना भूल गया। जब बृहस्पतिवार को परीक्षार्थी कॉलेज में पहुंचे तो उन्हें केंद्र में चस्पां लिस्ट में अपना रोल नंबर ही नहीं मिला।
परेशान विद्यार्थी जब प्राचार्य से मिले तो पता चला कि उनकी परीक्षा संबंधी कोई सूचना ही यूनिवर्सिटी से नहीं आई है। प्राचार्य ने बताया कि उनके यहां बीए के केवल तीन हजार नियमित परीक्षार्थियों की परीक्षा है, न कि डिस्टेंस के किसी छात्र की। यह जवाब सुनकर परीक्षार्थी बिफर गए और करीब 350 परीक्षार्थियों ने कॉलेज परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
इसके बाद प्राचार्य के पास पेपर शुरू होने के करीब 45 मिनट बाद विवि से सूचना पहुंची कि सभी को पेपर देने दिया जाए। इसके बाद करीब एक घंटा देरी से परीक्षा शुरू हुई, लेकिन आरोप है कि उन्हें अतिरिक्त समय नहीं दिया गया। वहीं, प्राचार्य आरके गुप्ता का कहना है कि दोपहर 3:25 बजे पेपर शुरू किया गया था, इसका अतिरिक्त समय परीक्षार्थियों को दिया गया है।
बृहस्पतिवार को दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक शहर के सभी कॉलेजों में बीए के नियमित और डिस्टेंस परीक्षार्थियों की अंग्रेजी की परीक्षा थी। वैश्य कॉलेज में डिस्टेंस परीक्षार्थियों को परीक्षा कराने के लिए एमडीयू की ओर से कोई सूचना नहीं गई थी। इस वजह से एक घंटे की देरी से पेपर शुरू हुआ।
परीक्षार्थी सत नारायण ने बताया कि दोपहर ढाई बजे परीक्षा शुरू होनी है और सिटिंग प्लान में उनका रोल नंबर नहीं है। इस मामले में जब कॉलेज प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिए तो कुछ परीक्षार्थी एमडीयू पहुंचे। वहां से पता चला कि वैश्य कॉलेज में ही उन्हें परीक्षा देनी है और इसकी सूचना जल्द ही कॉलेज प्रबंधन को दी जाएगी। परीक्षार्थी रवि शर्मा ने बताया कि पेपर शुरू होने के 45 मिनट बाद कॉलेज प्रबंधन को सूचना मिली और आनन-फानन में सभी परीक्षार्थियों को बिठाया गया। एमडीयू ने चार दिन पहले ही वेबसाइट पर एडमिट कार्ड जारी कर दिए थे और अब तक सूचना कॉलेज प्रबंधन को नहीं दी।
इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ा, उन्हें तीन घंटे की जगह दो घंटे में ही पूरा पेपर हल करना पड़ा। आरोप है कि परीक्षार्थियों ने सुपरिंटेंडेंट से गुहार लगाई कि उन्हें एक्सट्रा समय दिया जाए लेकिन उनसे कॉपी ले ली गई। उन्होंने विवि प्रशासन से मांग की है कि ये परीक्षा दोबारा कराई जाए, नहीं तो उन्हें ग्रेस मार्क्स दिए जाएं।
परीक्षार्थियों को दिया गया एक्सट्रा समय
कॉलेज में बृहस्पतिवार को बीए फर्स्ट ईयर के करीब तीन हजार छात्रों की परीक्षा थी। इस दौरान बाहर से डिस्टेंस के लगभग 350 परीक्षार्थी और आ गए। इन परीक्षार्थियाें के बारे में एमडीयू से कोई सूचना नहीं थी। इसलिए सिटिंग प्लान में इन्हें शामिल नहीं किया गया। मैंने विवि में बातचीत की तो परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट बाद परीक्षार्थियों की सूची आई। सभी परीक्षार्थियों को पेपर देने के लिए बिठाया गया और उन्हें एक्सट्रा समय दिया गया है।
- आरके गुप्ता, प्राचार्य, वैश्य कॉलेज।