एमडीयू में गत दिनों प्रवेश परीक्षा के गलत रोल नंबर जारी करने में विवि प्रशासन भले ही स्वयं को पाक-साफ बता रहा हो, लेकिन खामी विवि स्तर पर ही हुई।
यह खुलासा अमर उजाला की पड़ताल में हुआ है। हुआ यूं कि कंप्यूटर सेंटर के कर्मचारियों ने तकनीकी खामी के चलते वेबसाइट पर जारी होने वाले रोल नंबर पर तो रोक लगा दी, लेकिन एडमिट कार्ड अपलोड होते रहे। इस लापरवाही का खामियाजा यूनिवर्सिटी प्रशासन को प्रवेश परीक्षा स्थगित करने चुकाना पड़ा।
ध्यान रहे कि पहली जुलाई को एमडीयू में विभिन्न कोर्सों के लिए प्रवेश परीक्षा होनी थी। लेकिन 30 जून को एमडीयू प्रशासन ने जो रोल नंबर बेवसाइट पर जारी किए उनमें भारी खामियां मिलीं।
इस लापरवाही के बाद विद्यार्थियों व छात्र नेताओं ने विवि में देर रात खूब हंगामा किया था। एमडीयू प्रशासन को इस खामी के बाद काफी फजीहत झेलनी पड़ी थी और प्रवेश परीक्षा भी स्थगित करनी पड़ी थी।
यह रहा त्रुटि का कारण
शुक्रवार को अमर उजाला ने इस पूरे मामले की पड़ताल की और जाना कि चूक कहां हुई। इसमें जो तथ्य सामने आए वह न केवल स्टाफ की लापरवाही उजागर कर रहे थे बल्कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से प्रतिस्पर्धा भी इसके पीछे एक अहम कारण रहा। दरअसल, 27 जून तक यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रेशन होते रहे। ऐसे में कंप्यूटर सेंटर के स्टाफ को कई हजार विद्यार्थियों के एडमिट जारी करने के लिए मात्र तीन दिन का समय मिला। आनन-फानन में एडमिट जारी किए जा रहे थे कि 30 जून को वेबसाइट में तकनीकी फाल्ट आ गया। इसके चलते कुछ घंटों के लिए वेबसाइट पर जारी हो रहे रोल नंबरों पर रोक लगा दी गई। जबकि एडमिट कार्ड वेबसाइट पर अपलोड होते रहे। इस तरफ स्टाफ ने कोई ध्यान नहीं गया। इस अवधि में सैकड़ों विद्यार्थियों ने वेबसाइट से रोल नंबर डाउनलोड कर लिए। नतीजा यह हुआ कि एडमिट कार्ड उल्टी-सीधी जानकारी के साथ बिना रोल नंबर के ही वेबसाइट से प्रिंट होते रहे। इसके अलावा 1 जुलाई को ही कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में प्रवेश परीक्षा शुरू होनी थी। ऐसे में एमडीयू प्रशासन भी इसी दिन या इससे पहले ही प्रवेश परीक्षा कराना चाहता था।
वर्जन
तकनीकी खामियों के चलते गलत एडमिट कार्ड जारी हो गए थे। हालांकि अब वेबसाइट पर सभी प्रवेश परीक्षा के लिए सही रोल नंबर डाले जा रहे हैं।
- डॉ. जी.पी. सरोहा, डायरेक्टर कंप्यूटर सेंटर एमडीयू।