रोहतक। गर्भवती का एससीटीएस (मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम) पंजीकरण जिले में शुरू किए गए हैं। पंजीकरण करवाने के लिए गांव में स्वास्थ्य केंद्रो, अर्बन पीएचसी, सिविल अस्पताल में केंद्र बनाए गए है। इसके बिना गर्भवती का अल्ट्रासाउंड और उपचार नहीं किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने लिंगानुपात में सुधार के लिए उठाए कदम
जिले का लिंगानुपात पिछले कुछ सालों से लगातार गिर रहा है। इसमें सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग अब गर्भवती को डिलीवरी होने तक ट्रैक करेगा। इसके लिए विभाग ने जिले में गर्भवती के एमसीटीएस पंजीकरण शुरू कर दिए गए हैं। इसमें महिलाओं को 12 अंकों की डिजिटल आईडी दी जाएगी। इसके इससे महिलाओं को डिलीवरी होने तक गर्भवती और बच्चे को ट्रैक किया जाएगा। डिजिटल आईडी से ही महिलाओं को अल्ट्रासाउंड और अन्य उपचार दिए जा सकेगा। इससे महिला का डिलीवरी तक दिए गए इलाज का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। इसके बिना सरकारी व निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा सकेगा। इससे भ्रूण जांच करवाने वाले पर अंकुश लगाया जाएगा। इससे लिंगानुपात सुधार में मदद मिलेगी।
लिंगानुपात में सुधार के लिए छह रेड कर चुका स्वास्थ्य विभाग
जिले में लिंगानुपात में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग 28 नवंबर से अब तक छह रेड कर चुका है। इसमें चार पीएनडीटी और 2 एमटीपी रेड शामिल हैं। भ्रूण लिंग जांच की सूचना देने वाले को सरकार की ओर से एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
गर्भवती यहां करवा सकती हैं पंजीकरण
ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती को एमसीटीएस पंजीकरण के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए गांव में बने स्वास्थ्य केंद्रों में एएनएम से अपना पंजीकरण करवा सकती हैं, साथ ही शहरों और अर्बन इलाकों में भी पंजीकरण करवाने के लिए केंद्र बनाए गए हैं। इसमें सिविल अस्पताल के कमरा नंबर 36, सेक्टर तीन, पॉली क्लीनिक, एकता कॉलोनी, सुखपुरा चौक, गऊकरण, हरिसिंह कॉलोनी, सिविल डिस्पेंसरी, सेक्टर 14, शिवाजी कॉलोनी में गर्भवती अपना पंजीकरण करवा सकती हैं।
वर्जन
जिले में लिंगानुपात सुधारने के लिए गर्भवती का पंजीकरण किया जा रहा है। इसी के आधार पर महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाएगा। जिले में पंजीकरण करवाने के लिए सेंटर बनाएं गए हैं। यहां जाकर गर्भवती पंजीकरण करवा सकती हैं।
- डॉ. विश्वजीत राठी, नोडल अधिकरी, पीएनडीटी, रोहतक।