रोहतक। पीजीआईएमएस रोहतक, बीपीएस जीएमएसी खानपुर कलां सोनीपत, केसीजीएमसी करनाल व एसएचकेएम नूहं मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस छात्रों का हरियाणा मेडिकल काउंसिल (एचएमसी) पंजीकरण प्रमाणपत्र बॉन्ड पॉलिसी मामले में अंतिम निर्णय आने तक संबंधित कॉलेज में ही जमा रहेगा। प्रमाणपत्र की आवश्यकता को लेकर एमबीबीएस विद्यार्थी असमंजस में हैं।
किसी मेडिकल भर्ती या आगामी पढ़ाई के लिए दस्तावेज प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एमबीबीएस पास छात्र का एचएमसी में पंजीकृत होना जरूरी है। पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ने पर छात्र क्या करेंगे, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
बॉन्ड पॉलिसी की प्रक्रिया बदली है। पहलेे छात्र वेबसाइट पर आवेदन के बाद पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त कर लेते थे लेकिन अब छात्र को प्रमाणपत्र मिलने पर इसे अपने कॉलेज में ही जमा कराना होगा। डीएमईआर की तरफ से सभी मेडिकल कॉलेजों के निदेशकों को आदेश जारी किए गए हैं।
एचएमसी पंजीकरण प्रमाणपत्र मिलने पर कॉलेज के डीन कार्यालय में जमा कराने के लिए कहा गया है। पहले ऐसा नहीं था। आगे एचसीएमएस मेडिकल ऑफिसर की भर्ती के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होनी है। इसमें प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ती है। इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
- डॉ. विनय, एमबीबीएस छात्र
पहले पंजीकरण के बाद मेडिकल कॉलेज में प्रमाणपत्र जमा नहीं कराना होता था। अब दस्तावेज के साथ पंजीकरण प्रमाणपत्र भी मेडिकल कॉलेज के पास ही जमा रहेंगे। ऐसे में किसी भर्ती या आगामी पढ़ाई में पंजीकरण प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ी तो इसको लेकर कुछ स्पष्ट नहीं किया है।
- डॉ. अक्षत मित्तल, एमबीबीएस छात्र
डीएमईआर के निर्देशानुसार पंजीकरण प्रमाणपत्र मेडिकल कॉलेज में ही जमा कराए जा रहे हैं। प्रक्रिया चल रही है। आदेशाें का ही पालन किया जा रहा है।
- डॉ. ज्योति सेठी, डीन, मेडिकल कॉलेज करनाल