रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस) में हुए एमबीबीएस परीक्षा घोटाले के गिरफ्तार मुख्य आरोपी रोशन लाल का पांच दिन का रिमांड खत्म हो गया। रविवार को उसे अदालत के समक्ष पेश किया गया। यहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सवालों का जवाब मिला है। अब अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी है।
पांच दिन की पूछताछ में आरोपी विवि के कर्मचारी रोशनलाल ने बताया कि 24 छात्रों के दो सेमेस्टर की परीक्षाओं में इस तरह की घपलेबाजी की गई थी और उनसे करोड़ों रुपये इसके एवज में वसूले गए थे। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी से कई सवालों के जवाब लिए और इसमें कई बडे़ खुलासे हुए हैं। हालांकि पुलिस की इस जांच से कई बड़े और सफेदपाेश की नींद उड़ गई है। रिमांड की अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया और फिर वहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उधर, पुलिस ने अब पूछताछ के दौरान कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं। अब पुलिस उनकी गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है।
गौरतलब है कि पीजीआईएमएस के 24 विद्यार्थियों के कोरोना काल के दो सेमेस्टर की परीक्षाओं में छात्रों को पास कराने के नाम और कॉपी बदलने के एवज में रिश्वत ली गई थी। इसमें विवि के 17 कर्मचारी और 14 छात्रों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसी आधार पर पुलिस ने रोशनलाल, दीपक और रोहित को गिरफ्तार किया था और अब जांच कर रही है।
एमबीबीएस परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अदालत ने दो आरोपियों को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जबकि एक आरोपी की रिमांड खत्म होने पर उसे भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले की जांच चल रही है।
दलीप कुमार, डीएसपी और जांच अधिकारी ।