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Rohtak News: सज रहा माता का दरबार, 13 से बहेगी आस्था ही बयार

Sat, 11 Mar 2023 02:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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रोहतक। होली की धूम के बाद चैत्र के सोमवार, सप्तमी व हर बुधवार को शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिलेगा। मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मंदिर परिसर को जहां आकर्षक लाइटों से सजाया जा रहा है, वहीं रंग बिरंगे फूलों की महक भी मंदिर में देखने को मिलेगी। मंदिर प्रशासन मेले को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है।
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चैत्र के पहले सोमवार को मान्यता अनुसार मंदिर में बासी चावल, गुड़, चना, बाजरा, गुलगुल व पूड़े चढ़ाकर मन्नत मांगी जाती है। वहीं, सप्तमी के दिन भी श्रद्धालु ऐसा ही करते है। इसके साथ ही चैत्र मास में आने वाले सभी बुधवार को मंदिर परिसर में मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु शीतला माता के दर्शन करेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बैरीकेट लगाकर जहां लाइन बनाई जा रही है, वहीं रंग रोगन करवाकर मंदिर परिसर को संवारा जा रहा है। मंदिर परिसर का करीब 400 वर्ष पुराना इतिहास रहा है, आसपास के करीब 84 गांवों के लोगों की आस्था मंदिर से जुुड़ी है।

मंदिर परिसर में लाइनों के लिए लगाए बैरिकेड
चैत्र में भरने वाले मेले की मंदिर में तैयारियां अंतिम चरण में चल रही है। माता के दर्शन करने के लिए मंदिर परिसर में बैरीकेट लगाकर लाइन बनाई जा रही है, जिससे श्रद्धालु आराम से माता के दर्शनों का लाभ उठा सके। इसके साथ ही मंदिर परिसर का सुधारीकरण किया गया है, जिसमें दीवारों पर टाइल लगाई गई है। मंदिर परिसर को आकर्षक लाइटों व फूलों से सजाया गया है। साथ ही मंदिर परिसर के ऊपर शेड लगाया गया है ताकि बरसात आने पर भी श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
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सुरक्षा के लिहाज से लगवाए 12 सीसीटीवी
शीतला माता मंदिर में चल रही मेले की तैयारियों के चलते सुरक्षा को ध्यान में रखा गया है। मंदिर परिसर में 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है, जिनकी निगरानी में श्रद्धालु माता के दर्शन करेंगे। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन मौजूद रहेगा। इसके लिए मंदिर के महंत थानदेश्वर दास उदासीन ने पुलिस अधीक्षक को पहले ही पत्र सौंप दिया है।

तालाब का नहीं हुआ जीर्णोद्धार, निगम में अटका मामला
शीतला माता मंदिर के प्राचीन तालाब के जिर्णोद्धार का मामला आज भी अटका हुआ है। निगम की तरफ 2019 में कुछ हलचल जरूर हुई थी, लेकिन वह मामला फिर अटक गया। ऐसे में भक्तों को इस वर्ष भी गंदे पानी में ही हाथ डालकर अपनी आस्था का सुबूत देना होगा। जबकि तालाब के जीर्णोद्धार को लेकर मंदिर प्रबंधन कमेटी कई बार पार्षद व मंत्री को लिखित रूप में शिकायत कर चुकी है, लेकिन कोई लाभ नहीं हो रहा। निगम सदन की बैठक में हर बार तालाब के मुद्दे को उठाया जाता है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलता। कुछ वर्ष पहले मुख्यमंत्री की घोषणा से करीब 32 लाख रुपये से तालाब के चारों तरफ दीवार जरूर बनाई गई थी, लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।

सैकड़ों क्विंटल चढ़ेगा माता मंदिर में प्रसाद
मंदिर परिसर में महीने भर चलने वाले माता के मेले में सैकड़ों क्विंटल प्रसाद चढ़ाया जाता है, जो पहले भक्तों के ही पैरों तले आता था। लेकिन अब मंदिर प्रबंधन कमेटी की तरफ से प्रसाद चढ़ाने के लिए टब रखे जाएंगे, जिनमें एकत्रित होने वाला प्रसाद गौशालाओं में पहुंचाने का प्रबंध भी किया गया है। प्रसाद को व्यर्थ करने की बजाय उसे गोशाला में पहुंचाकर गोमाता की भूख को भी शांत किया जाएगा। मंदिर परिसर में जगह-जगह टब रखने की जगह निर्धारित की गई है।

ऐसे करें शीतला अष्टमी की पूजा
आचार्य मनोज मिश्र ने बताया कि शीतला अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करे। पूजा की थाली में दही, पुड़ा, रोटी, बाजरा, सप्तमी को बनाए गए मीठे चावल, नमक पारे व मठरी रखें। दूसरी थाली में आटे से बना दीपक, रोली, वस्त्र, अक्षत, मोली, सिक्के व मेहंदी रखें। थालियों के साथ ठंडे पानी का लोटा भी रख लें। अब शीतला माता की पूजा करें। माता को सभी सामग्री अर्पित कर घर के सभी सदस्यों को हल्दी का टीका लगाएं। मंदिर में पहले माता को जल अर्पित कर हल्दी का टीका करें। इसके बाद आटे के दीपक को बिना जलाए माता को अर्पित करें। अंत में वापस जल चढ़ाएं और बचा हुआ जल घर के सदस्यों को आंखों पर लगाने को दें। इसके बाद होलिका दहन की जगह जाकर माता की पूजा करें।

शीतला माता मंदिर में मेले की तैयारियां पूरे जोरशोर से चल रही है। मंदिर परिसर में रंग रोगन करवाया जा रहा है। बैरीकेट लगा दिए गए है। मंदिर परिसर का कायाकल्प किया गया है। व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस प्रशासन को पत्र दिया गया है। साथ ही तालाब के जीर्णोद्धार के लिए भी निगम प्रशासन से मांग की गई है।
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थानेश्वर दास उदासीन, महंत, शीतला माता मंदिर
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