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7 जन्मों का सफर 10 दिनों में ही खत्म

Sun, 29 Nov 2015 02:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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‘तलाक’, इस एक शब्द से रिश्तों के, जिंदगी के, सुख के और जीवन संघर्ष के मायने बदल जाते हैं। लेकिन, आधुनिक समाज में यह शब्द आम हो गया है। मौजूदा समय में जन्म-जन्म तक चलने वाले बंधन अब महज 10 कदम भी चलने मुश्किल हो रहे हैं।
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सालभर नहीं, बल्कि एक माह के भीतर ही पति-पत्नी के रिश्ते ‘तलाक’ की भेंट चढ़ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि ससुराल पक्ष से तंग आकर महिलाएं खुद ‘तलाक’ की डिमांड करने लगी हैं। जहां महिला सैल में ऐसे मामलों के आंकड़े रोजाना बढ़ रहे है। वहीं, अटूट बंधनों के बिगड़ते समीकरणों को देखकर महिला सैल अधिकारी और कर्मचारी भी काफी परेशान है।

    आंखों में संजोएं सपने अभी परवान चढ़े ही नहीं थे कि जीवनसाथी संग ससुराल वालों ने दहेज की डिमांड करनी शुरू कर दी। ससुराल वालों के सदस्यों की जुबां पर अभी नाम सही से चढ़ा ही नहीं था कि कार, बाइक और एसी की डिमांड होने लगी। और, जब लड़की के मां-बाप की ओर से डिमांड पूरी नहीं हुई तो मारपीट शुरू हुई। इन्हीं कारणों की वजह से जन्म-जन्म के रिश्ते की गरिमा खत्म होने लगी।
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केस 1: 10 दिन बाद ही मायके आई, हुआ ‘तलाक’
2-12-2014 को गुरुनानक पुरा की लड़की की शादी काठमंडी के लड़के से हुई। दो दिन बाद ही ससुराल वाले दहेज के लिए परेशान करने लगे। लड़की तंग आकर 10 दिन बाद मायके आ गई। 3 माह बीते, फिर 6 माह। लड़का अपनी बहू को लेने नहीं गया। महिला सैल में केस आया। लड़की ने कहा कि उससे दहेज की डिमांड की गई है, जो मां-भाई पूरी नहीं कर सकते। उसके पति के दूसरे संबंध भी है। इसलिए उसे तलाक चाहिए, और शनिवार को यह कार्रवाई पूरी हो गई।

केस 2: डिमांड पूरी नहीं की तो पीटा, चाहिए ‘तलाक’
18-11-2013 को शिवाजी कालोनी की लड़की की शादी दिल्ली के रोहिणी इलाके में रह रहे लड़के से हुई। एक महीने के बाद ही लड़की को 5 लाख रुपये लाने के लिए परेशान किया जाने लगा। लड़की के पिता ने 3 लाख रुपये दिए, लेकिन 2 लाख न देने पर उसे पीटा गया। इस बीच ससुर ने बहू के साथ अश्लील हरकत की और छेड़खानी भी की। लड़की ने पति-सास को बताया तो कोई सुनवाई नहीं हुई। फिर, दहेज न लाने के लिए मारपीट की जाने लगी। लड़की तंग आकर अपने घर आ गई। 21-11-2015 को लड़के वाले आए और लड़की व उसके परिजनों को पीट कर चले गए। अब लड़की को चाहिए ‘तलाक’। शनिवार को आए इस मामले में महिला सैल ने 30 नवंबर तक का समय दिया।

केस 3: 4 बच्चों को छोड़कर पत्नी ने मांगा ‘तलाक’

 करीब 14 साल पहले, धामड़ के लड़के की शादी सिकंदरपुर माजरा की लड़की से हुई। इस बीच दो बेटे और दो बेटियां हुई। लगभग 8 माह पहले लड़की ने लाढ़ोत गांव निवासी युवक से शादी की। 9 नवंबर को दी शिकायत में पति ने घर बसाने की गुहार लगाई, ताकि उसके बच्चों की परवरिश हो सके। लेकिन, लड़की ने कहा कि उसका पति शराब पीकर मारपीट करता है और गलत काम कराता है। वह नहीं रहना चाहती। मां के स्वार्थों के आगे ममता हार गई और 4 बच्चों को छोड़कर पत्नी ने ‘तलाक’ की मांग की।

मोबाइल, दहेज और शक की बली चढ़ रहे ‘रिश्ते’
अब पति-पत्नी के रिश्तों की गरिमा भी समय के साथ कम होती जा रही है। इसके पीछे कई कारण है, लेकिन हैरानी तब होती है जब शादी के 10 दिन बाद ही समस्याएं शुरू होने लगे। इसके पीछे मुख्य कारण दहेज, शक और लड़का-लड़की का आपस में विचार नहीं मिलना है। मोबाइल, वॉटस-अप और फेसबुक की वजह से भी तलाक काफी टूटने लगे है।
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- सावित्री देवी, इंचार्ज, महिला सैल रोहतक।
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