सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी आर्यवेश ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर कड़ा विरोध जताया।
उन्होंने शनिवार को जारी बयान में कहा कि संविधान पर बहस के बहाने लोकसभा में कांग्रेस नेता ने अंबेडकर और स्वयं को भारत का मूल निवासी और आर्यों को बाहर से आए बताया है।
कांग्रेस नेता को मालूम होना चाहिए कि इस देश का प्राचीनतम नाम आर्यावर्त है और आर्य यहां के मूल निवासी हैं। भारत के प्राचीन इतिहास में रामायण, महाभारत व जैन साहित्य में हर जगह आर्य शब्द का प्रयोग है। इसी से उन्हें समझ लेना चाहिए कि आर्य यहां के मूल निवासी हैं।
खड़गे के इस बयान से उनकी विघटनकारी एवं समाज को तोड़ने वाली मानसिकता झलकती है। उन्होंने कहा कि रामायण में वर्णित सभी नगर और प्रांत भारत के ही हैं। रामायण में राम ने कई बार लक्ष्मण के लिए आर्य शब्द का प्रयोग किया है। महाभारत काल जोकि 5000 वर्ष पुराना माना जाता है उस महाभारत युद्ध में भारत की ही भौगोलिक सीमाओं का वर्णन आता है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को इस बयान पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।