Market and footpaths full, wheat unloaded on roads
बादली। उठान धीमा होने की वजह से बादली में गेहूं से खरीद केंद्र फुल हो गया है। हालत ये है कि फड और फुटपाथ दोनों भर गए हैं। फसल बेचने आ रहे किसान घंटो इंतजार के बाद टोकन कटवाते हैं। इसके बाद उन्हें सड़क पर गेहूं उतारना पड़ रहा है। आढ़ती और किसान इस समस्या से दोनों परेशान हैं।
गेहूं खरीद केंद्र के बाहर सड़क पर गेहूं का ढेर लग गया है। किसान सड़कों पर गेहूं की ट्राली खाली कर रहे हैं। गेहूं के उठान में तेजी के प्रशासनिक दावों की हवा निकल गई। प्रशासनिक स्तर पर उठान में तेजी के दावे किए गए थे। दो दिन पहले डीसी ने खरीद कर रही एजेंसियों से उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए थे लेकिन धरातल पर स्थिति और ज्यादा खराब होती जा रही है। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि खरीद केंद्र में शेड और फुटपाथ भर जाने के बाद बाहर सड़कों पर गेहूं रखवाना पड़ रहा है। उठान का ठेका लेने वाले ठेकेदारों को पर्याप्त मात्रा में ट्रक और श्रमिक नहीं मिल रहे हैं।
एक सप्ताह में मात्र 15 प्रतिशत गेहूं का उठान हुआ है। आढ़तियों और किसानों की परेशानी के कोई ठोस इंतजाम नहीं हो रहे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बादली खरीद केंद्र में 1,50,400 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। मगर इसमें से उठान मात्र 20 हजार क्विंटल का हो पाया है। खरीद एजेंसियों के पास पर्याप्त मात्रा में गाड़ियां नहीं हैं। अधिकारियों ने टेंडर तो दे दिए हैं, लेकिन समय पर ठेकेदार पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आढ़तियों व किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
अधिक आवक होने से गेहूं को रखवाने की समस्या हो रही है। सड़क पर मजबूरी में गेहूं की ट्राली खाली करवाई जा रही है। लिफ्टिंग में धीमापन होने से परेशानी बढ़ी है। जल्द ही तेजी से काम किया जाएगा।
दीपक कुमार, मार्केट कमेटी एवं आक्शन रिकार्डर, बादली।
Market and footpaths full, wheat unloaded on roads