जाट कॉलेज के खेल मैदान में रविवार सुबह पांच बजे से धावकों की चहलकदमी शुरू हो गई थी। हल्की गुलाबी ठंड में मैराथन में हिस्सा लेने आए युवाओं, बुजुर्गों और युवतियों का हौसला देखने लायक था। मौका था बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और नशे की लत के खिलाफ जागरूकता अभियान के तहत आयोजित सद्भावना मैराथन का। दौड़ का आयोजन अमर उजाला और कमेरा वर्ग सोसायटी ट्रस्ट की ओर से किया गया था। मैराथन को चौधरी छोटूराम को उनकी 135वीं जयंती पर समर्पित किया गया था। 21 और 11 किलोमीटर की रेस में पहले तीन स्थानों पर सेना के जवानों ने कब्जा जमाया। जबकि महिलाओं की पांच किलोमीटर की रेस में यूपी की आदेश पहले स्थान पर रहीं।
सुबह छह बजकर 30 मिनट पर 21 किलोमीटर की मैराथन को 67 किलोग्राम भार में स्कूल स्तर की नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी निधि मलिक और पैरा ओलंपिक में पदक विजेता खिलाड़ी वीरेंद्र धनखड़ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें विभिन्न स्थानों से आए सैकड़ों धावकों ने हिस्सा लिया। मैराथन जाट कालेज से शुरू होकर सांपला में छोटूराम म्यूजियम पर समाप्त हुई। इसके बाद छह बजकर 40 मिनट पर 11 किलोेमीटर की मैराथन को रवाना किया गया। इसमें सैकड़ों बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने हिस्सा लिया। यह मैराथन जाट कॉलेज से होते हुए दिल्ली बाईपास, शीला बाईपास, सोनीपत स्टैंड, छोटूराम चौक, कैनाल रेस्ट हाउस, कोर्ट, अशोका चौक, डीपार्क से होते हुए पावर हाउस के रास्ते जाट कॉलेज के खेल मैदान पर आकर समाप्त हुई। पांच किलोमीटर की लड़कियों की मैराथन को मुख्यातिथि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने सुबह साढ़े सात बजे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मैराथन मेडिकल मोेड़, गेट नंबर छह, यूनिवर्सिटी कैंपस से होते हुए गेट नंबर एक से बाहर निकलकर जाट कॉलेज के पास आकर समाप्त हुई। राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर ने विजेताओं को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।
21 किमी में राजस्थान के सतेंद्र अव्वल
21 किलोमीटर की मैराथन में राजस्थान के सतेंद्र पहले स्थान पर रहे। केरल के किरणपाल सेठी दूसरे और आंध्र प्रदेश के आनंद वी तीसरे स्थान पर रहे। तीनों जवानों ने नेट से मैराथन की सूचना प्राप्त की और हिस्सा लिया। तीनों खिलाड़ी सेना के जवान हैं। तीनों विजेता हैदराबाद में सेना में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस दौड़ के लिए कुल 726 लोगों ने पंजीकरण कराया था।
11 किमी में कुलदीप पहले स्थान पर रहे
11 किलोमीटर की मैराथन में मध्य प्रदेश के कुलदीप प्रथम, हिसार के रामपाल दूसरे और पंजाब के जितेंद्र सिंह तीसरे स्थान पर रहे। मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले कुलदीप सिंह सेना में नायक के पद पर तैनात हैं। राजस्थान के रामपाल सिपाही तो पंजाब के तरनतारन निवासी जितेंद्र सिंह सेना मेें सूबेदार हैं। इसमें 986 लोगों ने पंजीकरण कराया था।
पांच किमी की रेस यूपी की आदेश ने जीती
पांच किलोमीटर की दौड़ में 42 महिला धावकों ने पंजीकरण करवाया था। इसमें आदेश पहले, पूजा दूसरे और अर्पिता सैनी तीसरे स्थान पर रहीं। यूपी के मुरादाबाद की रहने वाली आदेश ने दिल्ली में पिछले दिनों आयोजित 1500 मीटर रेस में तीसरा स्थान हासिल किया था। अभी यह एमडीयू में कोच रमेश सिंधु के निर्देशन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। इनका सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना है। पीटी उषा को आदर्श मानने वाली पूजा और अर्पिता भी देश के स्वर्ण पदक जीतने की तमन्ना रखती हैं।
धावक अनु के हौसले को सराहा
गांव निंदाना वासी स्केटिंग की राष्ट्रीय स्तर की रजत पदक विजेता अनु महिला दौड़ शुरू होते ही साथी धावक से उलझ कर गिर गईं। इस दौरान उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और हौसले के साथ मैराथन में शामिल हो गईं। उन्होंने पांच किलोमीटर की रेस को पूरा किया। छात्रा के हौसले की मैदान में सभी ने तारीफ की। धावक ने दौड़ पूरा करने के बाद मेडिकल सुविधा ली।
यह लोग रहे मौजूद
कमेरा वर्ग सोसायटी ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेश देशवाल ने बताया कि शहर में उनकी पांचवीं मैराथन थी। इसमें राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर, रियो पैरालंपिक्स वीरेंद्र धनखड़ और नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट रेसलर निधि मलिक ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में धर्मपाल मलिक, रघवेंद्र मलिक, धर्मवीर सिंधु, विनोद मान, सुमित मलिक, कोच ईश्वर, रमेश सिंधु, जसबीर, जगबीर, खलीराम और प्रिंस दुआ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन में मुख्य सहयोगी की भूमिका रोहतक पानीपत टोल वे प्राइवेट लिमिटेड ‘सद्भाव’ और सिलेक्ट स्पोर्ट्स वीयर ने निभाई। इस अवसर पर एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल, डीडीपीओ नरेंद्र सारवान, बीडीपीओ राजपाल चहल, एटीपी केके वार्ष्णेय, संजय गौतम उपस्थित रहे।
राज्यमंत्री ने बढ़ाया धावकों का हौसला
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने मैराथन में धावकों का हौसला बढ़ाने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को खेल भावना से खेलना चाहिए। खेल हमें आपसी प्रेम भावना सिखाता है। रोहतक की धरती सर छोटूराम की धरती है। यह लोगोें को प्यार देने वाली है।