कार्यक्रम में स्वागत संबोधन देते हुए IIM रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने कहा कि स्पोर्ट्स मैनेजमेंट का यह कार्यक्रम भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को पेशेवर और संगठित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि यह डिप्लोमा खेल विपणन, वित्त, इवेंट मैनेजमेंट, खेल कानून और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक और अकादमिक समझ विकसित करता है। प्रो. शर्मा के अनुसार भारत का खेल उद्योग लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का हो चुका है और आने वाले वर्षों में इसमें प्रशिक्षित स्पोर्ट्स मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की भारी मांग रहेगी।
मुख्य अतिथि श्याम सिंह यादव ने अपने संबोधन में छात्रों को स्पोर्ट्स मेंटलिटी अपनाने की सलाह दी और कहा कि नियमित व्यायाम, खेल और शारीरिक गतिविधियां न सिर्फ स्वास्थ्य बल्कि जीवन में अनुशासन और आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि खेलों से मिली सीख ने उन्हें जीवन और सार्वजनिक सेवा में मजबूती प्रदान की। समारोह के अंत में IIM रोहतक ने दोहराया कि संस्थान भविष्य के ऐसे खेल नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत के तेजी से बढ़ते खेल क्षेत्र को नई दिशा दे सकें।