संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। दिल्ली के मोहन गार्डन, उत्तम नगर निवासी 33 वर्षीय मनोज मनोज की हत्या मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड गांव जौनियावास निवासी दीपक और उसके साथी गुरुग्राम के गांव तेलपुरी निवासी हेमेंद्र उर्फ हेमू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन शराब के नशे में कहासुनी के बाद मनोज की बुरी तरह से पिटाई की थी जिससे उसकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने पूछताछ के लिए दोनों आरोपियों को 3 दिन की रिमांड पर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि मनोज के शरीर पर 40 जगह अंदरूनी चोट थी। पुलिस ने एक आरोपी बीटेक टॉपर विवेक उर्फ विक्की को पहले ही गिरफ्तार किया था। विक्की ने बताया था कि घटना के दिन शराब के नशे में उसके साथी दीपक व मृतक मनोज की किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी।
उसके साथी दीपक ने उसे फोन करके मौके पर बुलाया था। जब वह मौके पर पहुंचा तो दीपक व उनके साथी पहले से मौजूद थे। इसके बाद सभी ने मिलकर शराब के नशे में मनोज के साथ मारपीट की थी। मारपीट के दौरान मनोज की मौत हो गई। घटना के बाद वह सभी मौके से फरार हो गए थे।
महिलाओं को गाली देना था विवाद की वजह
दिल्ली के उत्तम नगर निवासी मनोज ने घटना वाले दिन सुबह कंपनी के बाहर ट्रक खड़ा करवाने के बाद शराब पी थी। शराब के नशे में वह आसपास के क्षेत्र में घूमता रहा। उस दौरान वहां उसने महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का उपयोग किया। इसके बाद भी शाम तक उस क्षेत्र में घूमता रहा। हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले अधिकांश युवक कंपनी में नौकरी करते हैं। नौकरी से दोपहर बाद वे घर लौटे तो महिलाओं ने मनोज के बारे में बताया। जिसके बाद आरोपियों ने मनोज की तलाश शुरू की। तलाश के बाद 6 आरोपी एक जगह एकत्रित हुए और उसे पीटने की याेजना बनाई थी।
27 जुलाई को घर से निकला था मनोज
डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ. रविंद्र सिंह ने बताया कि 29 जुलाई को पुलिस को गांव मालपुरा से मऊ रोड पर एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया था। मौके पर सीन ऑफ़ क्राइम टीम को बुलाया गया था। शव की शिनाख्त दिल्ली के मोहन गार्डन, उत्तम नगर निवासी 33 वर्षीय मनोज पुत्र श्याम सुंदर के रूप में हुई थी। दिल्ली के मोहन गार्डन, उत्तम नगर निवासी निवासी भरत ने बताया था कि 27 जुलाई को उसका बड़ा भाई मनोज अपने दोस्त साहुन खान के साथ अपने ननिहाल गांव पाटखोरी से अपने कुछ परिचितों से मिलने की बात कहकर घर से गया था। इसी दौरान उसे सूचना मिली कि मनोज का शव गांव मालपुरा से मऊ रोड पर मिला है। मनोज ड्राइवर था। मृतक के भाई ने कुछ लोगों पर मनोज की हत्या का संदेह जाहिर किया था।