04जेएनडी10 : बंद पड़े ट्यूबवेल को दिखाता किसान सुरेंद्र सिंह। स्रोत : किसान
जींद। धड़ौली गांव के किसान सुरेंद्र सिंह और समुंद्र सिंह ने साल 2023 में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर ट्यूबवेल कनेक्शन और मोटर लगवाई थी। आरोप है कि योजना के तहत किसानों को रोटोमॉग कंपनी की गलत मोटर लगा दी गई। यह मोटर पानी नहीं उठा रही है। तीन साल में सीएम विंडो पर दो बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
किसान सुरेंद्र सिंह और समुंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि यह मोटर न तो तय क्षमता के अनुसार पानी उठा पा रही है और न ही खेती की जरूरत पूरी कर रही है। केवल दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक नाममात्र का पानी देती है। वह भी इतनी कम मात्रा में कि बागवानी फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती। नतीजा, फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं।
आरोप : दूसरे किसान की मोटर दिखा दिखाया झूठा समाधान
किसान सुरेंद्र और समुंद्र का कहना है कि दो बार समाधान शिविर में शिकायत के बाद जिला उपायुक्त ने सह परियोजना अधिकारी को मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए थे। सह परियोजना अधिकारी ने समस्या को वास्तविक बताते हुए स्वीकार किया था कि मोटर गलत लगाई गई है। आरोप है कि सह परियोजना अधिकारी जब छुट्टी पर चले गए तो परियोजना अधिकारी ने मदद के बजाय उनकी समस्या को टालना शुरू कर दिया। नतीजा, कंपनी ने मोटर बदलने से साफ इन्कार कर दिया। आरोप है कि परियोजना अधिकारी ने दूसरे किसान के खेत की फोटो लगाकर सीएम विंडो पर उनकी शिकायत का समाधान दिखा दिया।
पड़ोसी के ट्यूबवेल से सिंचाई से फसल हो रही खराब
मजबूरी में दोनों किसान पड़ोसी के ट्यूबवेल से सिंचाई कर रहे हैं लेकिन पानी की गुणवत्ता बागवानी के अनुकूल नहीं है। इससे फसल खराब होने का खतरा और बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते सही मोटर नहीं बदली गई तो उनकी पूरी मेहनत और निवेश बर्बाद हो जाएगा।
वर्जन-
-किसानों की मोटर को अगले सप्ताह बदलवा दिया जाएगा। इसके लिए कंपनी के अधिकारियों से बात की गई है। सीएम विंडो की शिकायत गलत तरीके से बंद नहीं करवाई बल्कि खेत में मौके पर जाकर फोटो लिए गए थे। इसके अलावा जो अन्य आरोप लगाए हैं वह बेबुनियाद हैं।
-इंदराज सिंह, परियोजना अधिकारी जींद।