कांग्रेस का हाथ छोड़कर आए पूर्व पार्षदों से महम नगर पालिका चुनाव में भाजपा की बल्ले-बल्ले हो गई। भाजपा की पृष्ठभूमि से जुड़े आठ प्रत्याशी चुनाव जीत गए हैं, इसमें से चार तो कांग्रेस से आए पूर्व पार्षद हैं या उनके परिजन। चुनाव जीते अन्य सात पार्षदों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, हालांकि दो कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे हैं। अब तक के चुनावी समीकरणों से साफ है कि यदि कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ तो महम नगर पालिका में चेयरमैन की कुर्सी पर पहली बार कमल खिलेगा। वार्डों की प्रधानी का फैसला तो वोटरों ने कर दिया, अब जीते पार्षद नगर पालिका की चौधर का फैसला करेंगे। चुनावी नतीजों से भाजपा खेमे में खुशी का माहौल है। वहीं, कलानौर में वार्ड-7 के उपचुनाव में सुनील कत्याल ने जीत दर्ज की है। सुनील ने भाजपा में आस्था जताई है।
महम नगर पालिका के 15 वार्डों के लिए रविवार सुबह सात बचे से मतदान शुरू हुआ। 15 वार्डों के चौधरी बनने के लिए कुल 47 प्रत्याशी मैदान में थे। शाम करीब साढ़े पांच बजे परिणाम आए तो भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। पूर्व चेयरमैन जगवीर सिंह बहमनी, पूर्व उपाध्यक्ष सुनीता खुराना, पूर्व पार्षद अनिल चावरिया और अंजू तागरा ने चुनाव से एक माह पहले कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा का दामन थामा था। चुनाव में पूर्व चेयरमैन बहमनी ने अपनी भाभी संतोष को मैदान उतारा और जीत दर्ज की। इसके अलावा अनिल चावरिया, सुनीता खुराना खुद चुनाव जीते हैं। अंजू तागरा के पति शंपी तागरा भी चुनाव जीते हैं। भाजपा के पूर्व मंडल प्रधान संजीव अग्रवाल की पत्नी संगीता अग्रवाल, रमेश दहिया और शैंकी गिरधर ने भी विजयी परचम लहराया है।
बागियों को छोड़ सभी पहली बार पहुंचे नपा भवन
कांग्रेस से बागी हुए सुनीता खुराना पत्नी जोगेंद्र खुराना, जगवीर बहमनी, अनिल चावरिया और शंपी तागरा को छोड़कर अन्य सभी 11 पार्षद पहली बार नपा भवन पहुंचे हैं। वार्ड-1 से बबीता, वार्ड-2 से मुकेश सैनी, वार्ड-3 से रमेश दहिया, वार्ड-4 से कृष्ण नेहरा, वार्ड-6 से शैंकी गिरधर, वार्ड-7 से सरोज गिरधर, वार्ड-8 से मधु सैनी, वार्ड-9 से फतेह सिंह, वार्ड-12 से संगीता अग्रवाल, वार्ड-13 से बंटी, वार्ड-14 से धर्मवीर ठेकेदार पहली बार चुनाव जीते हैं। हालांकि वार्ड-15 से शंपी तागरा खुद पहली बार चुने गए हैं, लेकिन पिछले चुनाव में उनकी पत्नी अंजू तागरा पार्षद थीं। संतोष बहमनी तो पहली बार पार्षद बनीं हैं लेकिन उनके देवर जगवीर बहमनी पार्षद एवं चेयरमैन भी रह चुके हैं।